कोलकाता: शनिवार को महालया के पवित्र अवसर के साथ ही पूरे पश्चिम बंगाल में देवी पक्ष का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। गूंजते चंडीपाठ और भोर की तर्पण के बाद अब पूरा राज्य दुर्गा पूजा के रंगों में रंग गया है। आज शाम कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डंस में एक भव्य और महासमरोह के साथ दुर्गा पूजा का आधिकारिक आगाज होने जा रहा है, जिसमें 3 हजार ढाकों की गूंज के साथ बंगाल की संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा। इस बीच, महालया की सुबह जहां एक ओर आम जनजीवन में उत्सव की खुशी दिख रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है।
ईडन गार्डंस में शाम को होगा मेगा शो
शाम के समय ईडन गार्डंस में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। स्टेडियम के अंदर 60 से 70 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है, और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से इसका प्रसारण पूरी दुनिया में किया जाएगा। राज्य के पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने इस आयोजन को बंगाल की संस्कृति और लोकप्रिय परंपरा का बड़ा प्रतीक बताया है।
बचपन की यादें और उत्सव का माहौल: दिलीप घोष
न्यूटाउन के इको पार्क में सुबह की सैर के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री दिलीप घोष ने महालया के माहौल पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि आज सुबह से ही हर गली, मोहल्ले और घरों में चंडीपाठ और महालया के रिकॉर्ड गूंज रहे हैं, जिससे बचपन की पुरानी यादें ताजा हो गईं। उन्होंने कहा कि चारों तरफ एक सकारात्मक और आनंदमय माहौल बन गया है। साथ ही उन्होंने यह भी तंज कसा कि पहले बिना किसी नियम के दुर्गा पूजा के उद्घाटन हो जाते थे, लेकिन अब सही तरीके से उत्सव का माहौल तैयार किया गया है।
अभिषेक बनर्जी ने जताई कोलकाता की स्थिति पर चिंता
इसके उलट, तृणमूल कांग्रेस के डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अलग ही तस्वीर पेश की है। उन्होंने लिखा कि महालया की सुबह कोलकाता को उन्होंने इतना निष्प्रभ पहले कभी नहीं देखा। उनके अनुसार, वह पुरानी ऊर्जा, त्योहार का उत्साह और दुर्गा पूजा की चिरचेंटी चमक आज नदारद है और शहर अजीब तरह से थमा हुआ सा प्रतीत हो रहा है।
सुरक्षा और संभावित आंदोलनों पर सरकार सतर्क
राज्य में चल रहे विभिन्न राजनीतिक और छात्र आंदोलनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस पर टिप्पणी करते हुए मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में आंदोलन करने का अधिकार सबको है, लेकिन जिस तरह से अराजकता और भय का माहौल बनाया जा रहा है, उससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह सतर्क है ताकि लोग शांतिपूर्वक त्योहार मना सकें।
राष्ट्रपति, चुनाव और अन्य मुद्दों पर तीखा हमला
इस दौरान दिलीप घोष ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी दल अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं और भारत की संस्कृति व लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कम्युनिस्टों और अन्य दलों पर भ्रम फैलाने की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। इसके अलावा, सांसद महुआ मोइत्रा और मुख्य सचिव के बीच चल रहे विवाद पर भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की।