कोलकाता: क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान ईडन गार्डन्स में महालया की शाम इस बार एक अलग ही नजारा देखने को मिला। अब तक चौकों-छक्कों और दिग्गज क्रिकेटरों के शानदार प्रदर्शन का गवाह रहा यह मैदान शनिवार शाम भव्य सांस्कृतिक आयोजन से जगमगा उठा। रोशनी, ढाक की गूंज और आगमनी गीतों के बीच मां दुर्गा के धरती पर आगमन की कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम ने महालया के अवसर को खास बना दिया।
दिग्गज क्रिकेटरों के मैदान पर सांस्कृतिक आयोजन
ईडन गार्डन्स भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक खास स्थान रखता है। महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, सौरव गांगुली, अनिल कुंबले और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज क्रिकेटरों के खेल से इस मैदान की पहचान जुड़ी रही है। वहीं, रवि शास्त्री, सुनील गावस्कर और हर्षा भोगले जैसी हस्तियों ने भी क्रिकेट कमेंट्री के जरिए इस मैदान की यादों को खास बनाया है। लेकिन महालया की शाम ईडन गार्डन्स में क्रिकेट से अलग संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी समेत कई दिग्गज रहे मौजूद
इस भव्य कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, राज्यपाल आर. एन. रवि, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार समेत राज्य के कई मंत्री, विधायक और अन्य विशिष्ट हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम लोगों ने भी हिस्सा लिया और इस खास आयोजन को अपने कैमरों में कैद किया।
लाइट शो में दिखी मां दुर्गा के आगमन की कहानी
महालया के साथ पितृपक्ष का समापन होता है और देवी पक्ष की शुरुआत होती है। इसी शुभ अवसर पर ईडन गार्डन्स में आयोजित लाइट शो आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। रोशनी के माध्यम से 'ॐ' से लेकर मां दुर्गा के धरती पर आगमन तक की कथा को दर्शाया गया। इस प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को भव्य रूप दिया और दर्शकों को एक अलग अनुभव कराया।
3 हजार ढाकियों की प्रस्तुति ने बांधा समां
ईडन गार्डन्स के मैदान को इस बार क्रिकेट पिच और खेल के पारंपरिक माहौल से अलग सजाया गया था। शंख, धुनुची और बंगाल की पारंपरिक दुर्गापूजा संस्कृति से जुड़े प्रतीकों के बीच करीब 3 हजार ढाकियों ने ढाक बजाकर उत्सव का माहौल बना दिया। ढाक की गूंज और रोशनी के मेल ने महालया की शाम को यादगार बना दिया। इस नजारे को देखने के लिए पहुंचे वीवीआईपी मेहमानों के साथ आम दर्शक भी खासे उत्साहित नजर आए।
शान और कौशिकी चक्रवर्ती समेत कलाकारों ने दी प्रस्तुति
कार्यक्रम में संगीत का भी खास रंग देखने को मिला। शांतनु मैत्रा, शान, अंतरा, कौशिकी चक्रवर्ती और लग्नजिता चक्रवर्ती समेत कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। आगमनी गीतों, देवी-देवताओं से जुड़े गीतों और रवींद्र संगीत की धुनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और दुर्गापूजा की परंपरा को इस आयोजन में खास जगह दी गई।
रेड रोड के बाद ईडन गार्डन्स में भव्य आयोजन
कोलकाता में पहले भी दुर्गापूजा कार्निवल और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए बंगाल की परंपराओं को प्रदर्शित किया जाता रहा है। रेड रोड पर दुर्गापूजा कार्निवल इसका प्रमुख उदाहरण है। हालांकि, ईडन गार्डन्स में इस तरह का भव्य आयोजन एक नया अनुभव रहा। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद दुर्गापूजा और सांस्कृतिक आयोजनों को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की चर्चा के बीच महालया पर यह कार्यक्रम खास महत्व रखता है।
मुख्यमंत्री ने बताया, राज्य में बढ़ी दुर्गापूजा की संख्या
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में दुर्गापूजा आयोजनों की संख्या बढ़ने की बात कही। उन्होंने बताया कि अब राज्य में करीब 12,400 दुर्गापूजा आयोजित की जा रही हैं। महालया के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए बंगाल की सांस्कृतिक परंपरा, दुर्गापूजा के उत्साह और भव्य आयोजन को एक मंच पर प्रस्तुत करने की कोशिश की गई।