कोलकाता: दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की बैठक में ममता बनर्जी की मौजूदगी को लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने उन पर निशाना साधा। चौधरी ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस के साथ ममता की बढ़ती नजदीकी का मतलब यह भी है कि वह विपक्ष के नेतृत्व के लिए राहुल गांधी को स्वीकार करने को तैयार हैं।
ममता के बैठक में पहुंचने पर उठाए सवाल
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी लंबे समय तक कांग्रेस और राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर अलग रुख रखती रही हैं। ऐसे में INDIA गठबंधन की बैठक में उनकी भागीदारी को लेकर उन्होंने सवाल किया कि क्या अब विपक्षी एकता के लिए कांग्रेस के साथ फिर से नजदीकी बढ़ रही है।
राहुल गांधी के नेतृत्व का किया जिक्र
अधीर ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को विपक्ष की राजनीतिक लड़ाई का प्रमुख चेहरा माना जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अगर INDIA गठबंधन की शुरुआती बैठकों के दौरान ममता बनर्जी ने राहुल गांधी के नेतृत्व का समर्थन किया होता, तो राजनीतिक परिस्थितियां अलग हो सकती थीं। यह अधीर रंजन चौधरी का राजनीतिक आकलन है।
'बंगाल में हार के बाद दिल्ली जाना पड़ा'
अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें बंगाल में हार के बाद दिल्ली जाना पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले वर्षों में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने कांग्रेस तथा INDIA गठबंधन को कमजोर करने की कोशिश की थी। ये चौधरी के आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं पेश किया जा रहा है।
कांग्रेस के साथ गठजोड़ को लेकर भी टिप्पणी
चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी ने पिछले करीब 15 वर्षों में बंगाल में कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश की और अब कांग्रेस के साथ गठजोड़ की जरूरत महसूस हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने लंबे समय तक विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस की भूमिका को चुनौती दी।
SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर हुई चर्चा
दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की बैठक करीब साढ़े तीन घंटे चली। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, उमर अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव और सुप्रिया सुले समेत कई नेता मौजूद रहे।
विपक्षी एकता बढ़ाने की बात कर चुकी हैं ममता
बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने विपक्षी एकता का दायरा बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने उन गैर-NDA दलों को भी साथ लाने की बात कही, जो फिलहाल INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। इस बैठक में विपक्षी दलों के बीच आगे की संयुक्त रणनीति पर भी विचार-विमर्श हुआ।
अधीर के बयान से बंगाल की सियासत में फिर चर्चा
ममता बनर्जी और अधीर रंजन चौधरी के बीच राजनीतिक मतभेद लंबे समय से सार्वजनिक रहे हैं। ऐसे में INDIA गठबंधन की बैठक में ममता की भागीदारी के तुरंत बाद अधीर की टिप्पणी ने बंगाल की राजनीति में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के रिश्तों को लेकर चर्चा को फिर तेज कर दिया है। हालांकि, ममता बनर्जी की बैठक में मौजूदगी अपने आप में किसी नए राजनीतिक गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं है।