कोलकाता: में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 5 साल पुरानी मेडिकल रिपोर्ट बिना किसी पूर्व अनुमति के सार्वजनिक किए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। मरीज की निजता और गोपनीयता भंग करने के आरोपों के बीच ममता बनर्जी के वकील अर्का नाग ने सोमवार को एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल के निदेशक, सुपर और विभागाध्यक्ष को कानूनी नोटिस भेजा है।
2021 नंदीग्राम हादसे की मेडिकल रिपोर्ट पर शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद साल 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान नंदीग्राम के बिरुलिया बाजार में हुई एक घटना से जुड़ा है। चुनाव प्रचार के दौरान चोटिल होने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बांगुर और एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हाल ही में मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 2021 के इस हादसे की जांच सीआईडी (CID) को सौंपते हुए मीडिया में ममता बनर्जी की तत्कालीन मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत की और आरोप लगाया कि उनका पैर टूटा ही नहीं था।

मरीज की गोपनीयता और नियमों पर उठे गंभीर सवाल
अस्पताल रिपोर्ट को मीडिया के समक्ष रखे जाने के बाद मरीज के निजी डेटा की सुरक्षा और कानूनी सीमाओं पर सवाल उठने लगे हैं। नियमों के मुताबिक किसी भी मरीज की चिकित्सकीय जानकारी उसकी सहमति के बिना सार्वजनिक नहीं की जा सकती। ममता बनर्जी के वकील ने एसएसकेएम अधिकारियों को भेजे नोटिस में सवाल उठाया है कि आखिर किस कानून और आधार पर अस्पताल प्रशासन ने एक मरीज की बेहद व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारी बाहर जाने दी।
कानूनी कार्रवाई की ओर बढ़ता मामला
अस्पताल प्रबंधन को भेजे गए इस नोटिस के बाद चिकित्सा विभाग और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। वकील ने अस्पताल अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि इस गोपनीयता उल्लंघन के लिए कौन जिम्मेदार है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन इस नोटिस का क्या जवाब देता है।