कोलकाता/श्रीरामपुर: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शनिवार को कोलकाता से बाहर हुगली जिले के श्रीरामपुर में अपनी पहली विशाल जनसभा को संबोधित किया। हाईकोर्ट के आदेश से मिली अनुमति के बाद आयोजित इस सभा में ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें डर से बाहर निकलकर सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि बीजेपी सरकार की पुलिस एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार करेगी, तो उसकी जगह पांच कार्यकर्ता बाहर निकलेंगे।कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास से निकलते समय सुरक्षा तंत्र की आलोचना करते हुए वह कल्याण बनर्जी और असित मजूमदार जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ श्रीरामपुर पहुंचीं।
‘एक गिरफ्तार होगा तो पांच निकलेंगे, डर तोड़कर आवाज उठाएं कार्यकर्ता’
लगभग एक घंटे लंबे अपने आक्रामक भाषण में पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को राजनीतिक ऑक्सीजन देने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने आजादी के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा, "जब स्वतंत्रता संग्राम के समय खुदीराम बोस लड़ाई लड़ सकते थे, तो आज हमारी युवा पीढ़ी और मां-बहनें क्यों चुप रहेंगी? आप लोग अपना मुंह खोलिए, डर तोड़कर बाहर आइए और अन्याय का विरोध कीजिए।"उन्होंने बीजेपी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, "यदि मुझे चोट पहुंचाओगे तो मैं पलटवार करना जानती हूं। मारोगे तो विरोध होगा। 'डरेंगे नहीं, बीजेपी को छोड़ेंगे नहीं'।"
शुभेंदु सरकार पर हमला, कल्याणकारी योजनाएं बंद करने का आरोप
ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली चार महीने पुरानी बीजेपी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस का इस्तेमाल तृणमूल कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए किया जा रहा है।उन्होंने हॉकरों को हटाने, रंगदारी, 'लक्ष्मी भंडार' और 'स्वास्थ्य साथी' जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी टीएमसी नेता बाहर निकलते हैं, पुलिस बीजेपी के असामाजिक तत्वों को शह देती है।
कल्याण घोष की गाड़ी पर हमला, बागी नेताओं को बताया 'बीजेपी की कठपुतली'
जनसभा में शामिल होने जा रहे तृणमूल विधायक कुणाल घोष की गाड़ी पर उत्तरपाड़ा में हमला किया गया और अंडे फेंके गए। घटना के बाद कुणाल घोष सीधे राज्य पुलिस मुख्यालय 'भवानी भवन' पहुंचे, जहां उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई। इस घटना पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि हमलावरों का बीजेपी से कोई लेना-देना नहीं है।दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी से अलग हुए धड़े ('लोकतांत्रिक तृणमूल' और NCPI) पर हमला बोलते हुए कहा, "गद्दारों से हमारा कोई संबंध नहीं है। वे सब बीजेपी की कठपुतलियां हैं, जो पुलिस की सुरक्षा लेकर घूम रहे हैं और जनादेश के साथ विश्वासघात किया है।"
रैली के दौरान मंडराया ड्रोन, बोलीं— ‘मेरी नजर से कोई नहीं बच सकता’
भाषण के दौरान सभा स्थल के ऊपर एक ड्रोन को मंडराते देख ममता बनर्जी ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह ड्रोन इसलिए घुमाया जा रहा है ताकि देखा जा सके कि कौन-कौन सभा में आया है। उन्होंने कहा, "क्या मेरी आंखों में धूल झोंकोगे? मैंने 15 साल सरकार चलाई है। मेरे घर के बाहर भी खुफिया अधिकारी खड़े होकर गाड़ियों के नंबर नोट करते हैं।"वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी ने ममता की इस रैली को 'फ्लाप शो' बताते हुए खाली मैदान की तस्वीरें जारी कीं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि 2015 से अब तक 334 बीजेपी कार्यकर्ता मारे गए हैं और तृणमूल के शासन में जो हिंसा हुई, उसका जवाब जनता दे चुकी है।
बीजेपी की सांगठनिक समीक्षा: नितिन नबीन ने दिए मंत्रियों को सख्त निर्देश
इधर, पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद दो दिवसीय दौरे पर आए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सांगठनिक बैठकों का दौर जारी रखा। नबीन ने सरकार के मंत्रियों और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर जोर दिया।उन्होंने मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए कि सरकारी वादों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्री अपने मंत्रालयों में पार्टी का काम लेकर बार-बार न पहुंचे, बल्कि सरकार और पार्टी पूरक के रूप में काम करें। नितिन नबीन ने घोषणा की कि वे 6 महीने बाद पुनः बंगाल आकर सरकारी वादों और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।