शिलॉन्ग/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल तारापीठ स्थित ‘विदेशिनी’ होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मेघालय सरकार ने मृतकों के परिवारों की मदद के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। हादसे में मेघालय के एक ही परिवार के पांच तीर्थयात्रियों की मौत हुई थी, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। उन्होंने हादसे को बेहद दुखद और पीड़ित परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
पांच मेघालयवासियों की मौत
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, तारापीठ अग्निकांड में मारे गए मेघालय के पांच लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- राजेंद्र नाथ — 45 वर्ष
- आशा नाथ — 32 वर्ष, राजेंद्र नाथ की पत्नी
- औषनाथ मोदक — 8 वर्ष, पुत्र
- बूरन मोदक — 45 वर्ष
- शिवराज मोदक — 10 वर्ष, बूरन मोदक के पुत्र
हादसे में दो बच्चों की मौत पर मुख्यमंत्री संगमा ने विशेष रूप से दुख जताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
छह अन्य तीर्थयात्री सुरक्षित
मेघालय CMO के मुताबिक, वेस्ट गारो हिल्स से तारापीठ पहुंचे छह अन्य तीर्थयात्रियों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इनमें गणेश डे, चंद्रिका नहा, दोलोन नहा, माधवी मोदक, जीतियाप्रिया नहा और झरना डे शामिल हैं।
शवों को मेघालय पहुंचाने की तैयारी
मेघालय सरकार मृतकों के पार्थिव शरीर को तारापीठ से उनके गृह क्षेत्र वेस्ट गारो हिल्स तक पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए कोलकाता स्थित मेघालय हाउस के अधिकारी बीरभूम जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को आवश्यक प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जा रही है।
तारापीठ होटल अग्निकांड में गईं कई जानें
तारापीठ के होटल में लगी आग ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना के बाद पश्चिम बंगाल प्रशासन की ओर से होटल और लॉज में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच पर भी जोर दिया जा रहा है। मेघालय सरकार ने भी अपने नागरिकों के पार्थिव शरीर वापस लाने और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए पश्चिम बंगाल प्रशासन के साथ समन्वय तेज कर दिया है।