कोलकाता: लियोनेल मेस्सी के कोलकाता दौरे के टिकट के बदले अब भारत-उरुग्वे मैच का कॉम्प्लिमेंट्री पास दिया जा रहा है। 13 दिसंबर को कोलकाता में हुए मेस्सी के 'G.O.A.T' टूर के दौरान जिन फुटबॉल प्रेमियों ने टिकट खरीदे थे, उन्हें 6 अक्टूबर 2026 को विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में होने वाले भारत-उरुग्वे मुकाबले के लिए पास दिया जा रहा है।
हजारों रुपये खर्च कर खरीदे थे टिकट
मेस्सी को करीब से देखने की उम्मीद में बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रेमियों ने हजारों रुपये खर्च कर टिकट खरीदे थे। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था के चलते कई दर्शक मेस्सी को ठीक से देख नहीं पाए। इस घटना के बाद दर्शकों में भारी नाराजगी देखने को मिली थी।
मेस्सी को घेरकर खड़ी थी लोगों की भीड़
मेस्सी के मैदान में पहुंचने के बाद उनके आसपास बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ दिखाई दी थी। गैलरी में मौजूद दर्शकों का आरोप था कि उन्हें मेस्सी को देखने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे।
तत्कालीन खेल मंत्री अरूप विश्वास पर भी उठे थे सवाल
मामले में तत्कालीन राज्य के खेल मंत्री अरूप विश्वास का नाम भी सामने आया था। आरोप लगाया गया था कि उनके परिचितों को मैदान के अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई थी। हालांकि, इन आरोपों के बीच मेस्सी की सुरक्षा को लेकर स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा था।
गुस्साए दर्शकों ने किया था हंगामा
मेस्सी के मैदान से चले जाने के बाद दर्शकों का गुस्सा फूट पड़ा था। स्टेडियम में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की स्थिति बनी थी। इस घटना ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं और आयोजन की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए थे।
चुनाव के दौरान किया गया था रिफंड का वादा
मेस्सी विवाद के बाद विधानसभा चुनाव के दौरान बंगाल बीजेपी की ओर से वादा किया गया था कि सत्ता में आने पर मेस्सी टूर के टिकट खरीदने वाले दर्शकों को उनके पैसे वापस किए जाएंगे। अब इसी वादे के तहत टिकट धारकों को भारत-उरुग्वे मैच का कॉम्प्लिमेंट्री पास दिया जा रहा है।
10 केंद्रों पर बांटे जा रहे हैं पास
5 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक कोलकाता के 10 केंद्रों पर भारत-उरुग्वे मैच के पास वितरित किए जा रहे हैं। पास लेने के लिए दर्शकों को मेस्सी टूर का ओरिजिनल टिकट साथ लाना जरूरी है।
पहचान पत्र दिखाना भी जरूरी
पास प्राप्त करने के लिए दर्शकों को वैध फोटो पहचान पत्र भी दिखाना होगा। इसके लिए वोटर कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट जैसे दस्तावेज स्वीकार किए जा रहे हैं।
सुबह से केंद्रों पर लगी लंबी कतार
पास लेने के लिए सुबह से ही अलग-अलग केंद्रों पर फुटबॉल प्रेमियों की भीड़ जुटने लगी। कई दर्शक हाथ में मेस्सी टूर का टिकट लेकर कतार में खड़े दिखाई दिए। दर्शकों में इस व्यवस्था को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कुछ दर्शक बोले- कुछ नहीं मिलने से बेहतर है
दर्शकों के एक वर्ग का कहना है कि मेस्सी को देखने के लिए हजारों रुपये खर्च करने के बावजूद वे अपने पसंदीदा खिलाड़ी को नहीं देख पाए। उनके मुताबिक, उस घटना की कसक आज भी बनी हुई है। ऐसे में टिकट के बदले भारत-उरुग्वे मैच का पास मिलना कम से कम कुछ राहत जरूर देता है।
नई सरकार की पहल से कुछ दर्शक खुश
कुछ दर्शकों का कहना है कि पिछली सरकार के समय हुई इस घटना के बाद उनके लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई थी। अब नई सरकार की ओर से टिकट के बदले दूसरे अंतरराष्ट्रीय मुकाबले का पास दिया जा रहा है, जिससे वे संतुष्ट हैं।
कुछ दर्शकों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
वहीं, दर्शकों का एक वर्ग इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि भारत-उरुग्वे मैच के टिकट पहले से ही कम कीमत पर उपलब्ध हैं और मुकाबले के टिकटों की मांग भी बहुत अधिक नहीं है। ऐसे में मेस्सी टूर के महंगे टिकट के बदले भारत-उरुग्वे मैच का पास देना उचित रिफंड नहीं है।
दर्शकों की मांग- वापस मिले टिकट की पूरी रकम
नाराज दर्शकों का कहना है कि मेस्सी टूर के टिकट के बदले दूसरे मैच का पास देने के बजाय उन्हें टिकट की पूरी रकम वापस मिलनी चाहिए थी। उनके मुताबिक, तभी इसे वास्तविक रिफंड माना जा सकता है।
मेस्सी विवाद के बाद फिर रिफंड का मुद्दा
मेस्सी के कोलकाता दौरे के दौरान हुई अव्यवस्था के महीनों बाद अब टिकट रिफंड का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। एक तरफ कुछ दर्शक भारत-उरुग्वे मैच का पास मिलने से खुश हैं, तो दूसरी तरफ कुछ लोग इसे पर्याप्त मुआवजा नहीं मान रहे हैं।