कोलकाता: नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव को लेकर मंगलवार को विधान भवन में प्रदेश कांग्रेस की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार और पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रभारी प्रकाश जोशी मौजूद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में खास तौर पर नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान से जुड़े मामले को लेकर राज्य सरकार और बीजेपी पर सवाल उठाए गए।
मिलन प्रधान के खिलाफ पांच नए मामलों का मुद्दा
शुभंकर सरकार ने बताया कि नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान के खिलाफ पहले से एक पुराना मामला दर्ज था। इसके बाद उनके खिलाफ पांच और मामलों में नाम जोड़ा गया। मिलन प्रधान ने अपनी सुरक्षा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और मंगलवार को इसी मामले में सुनवाई हुई।
सुनवाई के दिन वापस लिए गए पांचों मामले
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार के मुताबिक, मिलन प्रधान के खिलाफ हाल में दर्ज किए गए पांचों मामलों को राज्य सरकार ने वापस ले लिया है। उन्होंने चुनाव से ठीक पहले इन मामलों के दर्ज होने और फिर सुनवाई के दौरान इनके वापस लिए जाने को लेकर सवाल खड़े किए।
'चुनाव से पहले ही क्यों उठाया गया मामला?'
शुभंकर सरकार ने सवाल किया कि नंदीग्राम में जिस समय आंदोलन हुआ था, उस दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी समेत कई अन्य लोग भी वहां मौजूद थे। ऐसे में चुनाव के ठीक पहले मिलन प्रधान के खिलाफ नए मामलों में नाम जुड़ने को लेकर उन्होंने सवाल उठाया। कांग्रेस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम को चुनावी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
'जेल में रहने के बावजूद BJP में डर' का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शुभंकर सरकार ने दावा किया कि जेल में बंद मिलन प्रधान को लेकर बीजेपी में कथित तौर पर डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि मिलन प्रधान की गैरमौजूदगी के बावजूद कांग्रेस का चुनावी अभियान जारी रहेगा।
मिलन की पत्नी संभालेंगी चुनाव प्रचार की कमान
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान के जेल में होने के कारण अब उनकी पत्नी नंदीग्राम में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभालेंगी। पार्टी की ओर से बताया गया कि वह मिलन प्रधान के समर्थन में लोगों के बीच जाएंगी और कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगी।
नंदीग्राम और रेजीनगर में कांग्रेस का चुनावी अभियान
उपचुनाव को लेकर कांग्रेस दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवारों के साथ चुनावी मैदान में है। विधान भवन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पार्टी ने मिलन प्रधान के मामले को प्रमुखता से उठाया और चुनाव से पहले सामने आए घटनाक्रम पर सवाल खड़े किए।