कोलकाता: नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हथियार मामले में कांथी महकमा अदालत ने उन्हें 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है। नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को मतदान होना है। ऐसे में मतदान के दिन भी कांग्रेस प्रत्याशी जेल में रहेंगे।
पुराने हत्या मामले में पहले 5 अक्टूबर तक थी न्यायिक हिरासत
इससे पहले 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन के दौरान दर्ज एक हत्या के मामले में हल्दिया महकमा अदालत ने मिलन प्रधान को 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। अब खेजुरी थाने में दर्ज पुराने हथियार मामले में भी उनकी न्यायिक हिरासत 7 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।
हथियार मामले में आज अदालत में हुई पेशी
हथियार मामले में 21 सितंबर को वर्चुअल माध्यम से सुनवाई हुई थी। मामले के दस्तावेजों और अन्य तथ्यों को देखने के बाद अदालत ने मिलन प्रधान को 23 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश करने का निर्देश दिया था। इसी निर्देश के तहत बुधवार को उन्हें कांथी महकमा अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत का आदेश दिया।
19 सितंबर को तीन मामलों में हुई थी पेशी
इससे पहले 19 सितंबर को मिलन प्रधान को नंदीग्राम थाने में दर्ज तीन मामलों में हल्दिया महकमा अदालत में पेश किया गया था। उस समय अदालत ने उन्हें 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। वहीं, खेजुरी थाने में दर्ज मामले को लेकर कांथी अदालत में उनकी पेशी की प्रक्रिया भी चल रही थी।
एक दिन में दो अदालतों में पेशी को लेकर वर्चुअल सुनवाई
एक ही दिन दो अलग-अलग अदालतों में व्यक्तिगत रूप से पेशी संभव नहीं होने के कारण मिलन प्रधान ने हल्दिया उप-सुधारगृह से वर्चुअल माध्यम से सुनवाई में हिस्सा लिया था। इसके बाद हल्दिया अदालत ने उन्हें 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। वहीं, हथियार मामले में कांथी अदालत ने उन्हें बुधवार को व्यक्तिगत रूप से पेश करने का आदेश दिया था।
2007 के आंदोलन से जुड़े कई मामले दर्ज
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर मिलन प्रधान के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। नंदीग्राम थाने में तीन और खेजुरी थाने में एक मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इन मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, लोगों के जमावड़े और लूटपाट समेत कई आरोप शामिल हैं।
19 साल पुराने मामले में हुई थी गिरफ्तारी
मिलन प्रधान को 19 सितंबर को पूर्व मेदिनीपुर के चंडीपुर इलाके से 19 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से ही इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
मिलन की गिरफ्तारी से पहले कांग्रेस को समर्थन का ऐलान
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से कुछ समय पहले ही तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की थी। तृणमूल उम्मीदवार संचित्ता दे प्रधान के नामांकन वापस लेने के बाद नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया गया था।
मतदान के दिन जेल में रहेंगे कांग्रेस प्रत्याशी
अब 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत के आदेश के बाद मिलन प्रधान मतदान के दिन यानी 6 अक्टूबर को भी जेल में रहेंगे। कांग्रेस की ओर से इस मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव से ठीक पहले प्रत्याशी के जेल में रहने का असर चुनाव प्रचार पर पड़ सकता है। वहीं, पूरा मामला अदालत की कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है।
नंदीग्राम उपचुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
6 अक्टूबर को नंदीग्राम में उपचुनाव होना है। उससे पहले कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी, पुराने मामलों में लगातार अदालत में पेशी और मतदान के अगले दिन तक न्यायिक हिरासत के आदेश ने नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।