कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। इसी बीच नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। अब मिलन प्रधान की पत्नी अर्पिता प्रधान ने ऐलान किया है कि वह शुक्रवार से अपने पति के बिना ही नंदीग्राम में चुनाव प्रचार करेंगी। अर्पिता ने आरोप लगाया कि उनके पति को राजनीतिक साजिश के तहत पुराने मामलों में फंसाया जा रहा है।
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर सियासी घमासान
नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई थीं। पुराने एक मामले में गिरफ्तारी के बाद हाल ही में एक अन्य मामले में अदालत ने उन्हें 7 अक्टूबर तक, यानी मतदान के अगले दिन तक, न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। हालांकि, आज कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी है। इस घटनाक्रम के बीच मिलन प्रधान की पत्नी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने पति का बचाव किया।
अर्पिता प्रधान का आरोप- राजनीतिक वजह से बनाया जा रहा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अर्पिता प्रधान ने आरोप लगाया कि उनके पति को राजनीतिक उद्देश्य से झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 2007 के भूमि आंदोलन से जुड़े पुराने मामले को दोबारा सामने लाकर मिलन प्रधान को निशाना बनाया जा रहा है। अर्पिता के मुताबिक, उस आंदोलन में सिर्फ उनके पति ही शामिल नहीं थे, बल्कि कई अन्य लोग भी उससे जुड़े थे।
2007 के भूमि आंदोलन को लेकर शुभेंदु अधिकारी पर भी सवाल
अर्पिता प्रधान ने 2007 के भूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कई नेताओं ने आंदोलन का समर्थन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ-साथ उस दौर में विपक्षी राजनीति से जुड़े कई नेताओं की भी भूमिका थी। अर्पिता का दावा है कि शुभेंदु अधिकारी ने भी उस समय आंदोलन का समर्थन किया था। हालांकि, ये सभी बातें उनके आरोप और दावे हैं।
बेटी के साथ घर-घर जाकर करेंगी चुनाव प्रचार
मिलन प्रधान की पत्नी अर्पिता प्रधान ने कहा कि वह शुक्रवार से अपनी बेटी को साथ लेकर नंदीग्राम में चुनाव प्रचार शुरू करेंगी। वह अलग-अलग इलाकों में घर-घर जाएंगी और आम लोगों से बातचीत करेंगी। अर्पिता ने कहा कि वह लोगों की समस्याओं, उनकी शिकायतों और मौजूदा सरकार के खिलाफ उनके विचारों को सामने रखेंगी। पति की गैरमौजूदगी में वह कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में चुनावी अभियान संभालेंगी।
चुनावी नतीजों को लेकर नहीं जताई बड़ी उम्मीद
अर्पिता प्रधान ने चुनाव के संभावित नतीजों को लेकर किसी बड़ी उम्मीद का दावा नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि चुनाव का परिणाम क्या होगा, लेकिन उन्हें जनता के फैसले पर भरोसा है। उनके मुताबिक, इस चुनाव में वह अपने पति की राजनीतिक स्थिति और उनके पक्ष की बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करेंगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हुईं अर्पिता
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी और परिवार पर पड़े असर का जिक्र करते हुए अर्पिता प्रधान प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हो गईं। रोते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बेटी सामाजिक दबाव और शर्मिंदगी की वजह से स्कूल नहीं जा पा रही है। अर्पिता ने सवाल उठाया, “सिर्फ इसलिए कि मिलन प्रधान बिके नहीं, क्या उन्हें इस तरह झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है?”
राहुल गांधी के प्रति सम्मान, ममता बनर्जी के प्रति आभार
अर्पिता प्रधान के बयान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रति सम्मान और भरोसे की बात भी सामने आई। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति भी उन्होंने आभार व्यक्त किया। हालांकि, अपने पति की गिरफ्तारी को लेकर उन्होंने राज्य सरकार पर राजनीतिक उद्देश्य से कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया।
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश कांग्रेस भी सक्रिय हो गई है। पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम के खिलाफ आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया है। कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे को नंदीग्राम उपचुनाव के दौरान प्रमुखता से उठाने की तैयारी की जा रही है। अर्पिता प्रधान के चुनाव प्रचार में उतरने के ऐलान से इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
SIR के मुद्दे पर भी कांग्रेस का प्रदर्शन
दूसरी ओर, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरों पर भी प्रदेश कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने बताया कि शुक्रवार को देश के अलग-अलग राज्यों में चुनाव आयोग के कार्यालयों के सामने कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की तैयारी
शुभंकर सरकार के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन के तहत पश्चिम बंगाल में भी चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। ऐसे में एक ओर नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी का मुद्दा है, तो दूसरी ओर SIR को लेकर कांग्रेस का आंदोलन। दोनों ही मुद्दों पर आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में हलचल और बढ़ सकती है।