कोलकाता: नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कलकत्ता हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की पीठ ने मिलन प्रधान को छह मामलों में जमानत दी है। इसके साथ ही फिलहाल उनके जेल से बाहर आकर चुनाव प्रचार में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है।
चुनावी प्रक्रिया के बीच हुई थी गिरफ्तारी
मिलन प्रधान ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए पहले ही नामांकन दाखिल कर दिया था। इसके बाद उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया। अदालत में उनकी ओर से दलील दी गई कि चुनावी प्रक्रिया के बीच उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी।
2007 के पुराने मामले पर कोर्ट के सवाल
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी 2007 के एक पुराने मामले से जुड़ी बताई जा रही है। इतने वर्षों बाद इस मामले में गिरफ्तारी क्यों की गई, इसे लेकर न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने राज्य की भूमिका पर भी सवाल उठाए। हालांकि, जमानत देते हुए कोर्ट ने कई शर्तें भी तय की हैं।
जमानत के साथ कई शर्तें
अदालत के आदेश के मुताबिक मिलन प्रधान को 25 हजार रुपये का निजी बॉन्ड देना होगा। इसके अलावा प्रत्येक मामले में 10 रुपये का बॉन्ड देना होगा। उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें हल्दिया अदालत में आत्मसमर्पण करना होगा।
दिन में दो बार जांच अधिकारी को देनी होगी जानकारी
मिलन प्रधान को सुबह साढ़े 8 बजे और शाम साढ़े 9 बजे निर्धारित थाने में फोन कर जांच अधिकारी को अपनी स्थिति की जानकारी देनी होगी। कोर्ट ने 21 अक्टूबर तक, यानी करीब तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत मंजूर की है। इसके बाद उन्हें अदालत में आत्मसमर्पण करना होगा।
मिलन प्रधान के खिलाफ 11 मामले
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान के खिलाफ कुल 11 मामले दर्ज हैं। इनमें से पांच मामलों में वह जेल हिरासत में थे। बाकी छह मामलों में पांच को राज्य सरकार पहले ही वापस ले चुकी है, जबकि एक मामले में मिलन प्रधान आरोपी नहीं हैं।
पुराने हत्या मामले में हुई थी गिरफ्तारी
शुक्रवार को मिलन प्रधान नंदीग्राम के रैयापाड़ा इलाके में घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक पुराने मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन के दौरान हुई एक हत्या से जुड़ा है। हालांकि, गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
तृणमूल उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने के बाद बदला समीकरण
नंदीग्राम उपचुनाव में 18 सितंबर को तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार संचित्ता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की थी। इसके कुछ ही समय बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
पुलिस ने बताई गिरफ्तारी की वजह
पुलिस सूत्रों का कहना है कि चुनाव से पहले किसी भी तरह की अशांति या तनाव की स्थिति को रोकने के लिए मिलन प्रधान को पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, इस मामले को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे भी सामने आए हैं।
अब जेल से बाहर चुनाव प्रचार कर सकेंगे मिलन प्रधान
कलकत्ता हाईकोर्ट के अंतरिम जमानत के आदेश के बाद मिलन प्रधान फिलहाल जेल से बाहर आकर नंदीग्राम उपचुनाव में प्रचार कर सकेंगे। 21 अक्टूबर तक मिली अंतरिम राहत के बीच उनके चुनाव प्रचार में सक्रिय रूप से शामिल होने की संभावना है।