कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए शुक्रवार, 9 अक्टूबर को मतगणना शुरू हुई। शुरुआती रुझानों में BJP की हसीरानी रथ और सखारव सरकार आगे चल रहे हैं। दोनों सीटों के नतीजों पर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं।
नंदीग्राम और रेजिनगर में मतगणना शुरू, BJP उम्मीदवार आगे
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की मतगणना शुरू होते ही शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दोनों सीटों पर बढ़त बना ली है। नंदीग्राम से BJP उम्मीदवार हसीरानी रथ और रेजिनगर से पार्टी प्रत्याशी सखारव सरकार आगे चल रहे हैं। मतगणना के शुरुआती आंकड़ों के आधार पर फिलहाल दोनों सीटों पर BJP उम्मीदवारों की स्थिति मजबूत नजर आ रही है। हालांकि, शुरुआती बढ़त को जीत नहीं माना जा सकता। अंतिम नतीजे सभी चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
नंदीग्राम में हसीरानी रथ पर टिकी निगाहें
पूर्वी मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर BJP ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। शुरुआती रुझानों में वह आगे चल रही हैं। यह सीट राज्य की राजनीति में काफी अहम मानी जाती है और यहां के चुनावी घटनाक्रम पर पूरे पश्चिम बंगाल की नजर रहती है। मतगणना आगे बढ़ने के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हसीरानी रथ अपनी बढ़त बरकरार रख पाती हैं या नहीं।
रेजिनगर में सखारव सरकार को शुरुआती बढ़त
मुर्शिदाबाद जिले की रेजिनगर विधानसभा सीट पर BJP उम्मीदवार सखारव सरकार शुरुआती रुझानों में आगे चल रहे हैं। इस सीट पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। रेजिनगर के चुनावी नतीजों को लेकर भी राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है। हालांकि, मतगणना पूरी होने से पहले किसी उम्मीदवार की जीत को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
दोनों सीटों पर क्यों हो रहा है उपचुनाव?
नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के विधानसभा चुनाव में दो सीटों से जीतने के बाद भवानीपुर सीट अपने पास रखने के फैसले के कारण खाली हुई थी। वहीं, रेजिनगर सीट पर आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने दो सीटों से जीतने के बाद नौदा सीट अपने पास रखी, जिसके चलते रेजिनगर में उपचुनाव की जरूरत पड़ी।
अंतिम नतीजों का इंतजार
नंदीग्राम और रेजिनगर में मतगणना जारी रहने के बीच शुरुआती रुझानों ने दोनों सीटों पर BJP को बढ़त दिखाई है। अब सबकी नजरें मतगणना के अगले चरणों और निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित होने वाले आधिकारिक परिणामों पर हैं। अंतिम नतीजों के बाद ही यह साफ होगा कि दोनों सीटों पर मतदाताओं ने किस उम्मीदवार के पक्ष में जनादेश दिया है।