कोलकाता: नई दिल्ली में सोमवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने आगामी त्योहारों—नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा—के दौरान स्थानीय स्ट्रीट वेंडर्स, हॉकरों और छोटे व्यापारियों की आजीविका व मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को सख्त निर्देश दिए हैं।
शिकायतों पर आयोग का कड़ा रुख
एनएचआरसी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आयोग को कई शिकायतें मिली थीं कि त्योहारों के खरीदारी के मौसम में विभिन्न शहरों में स्थानीय निकायों और प्रशासन द्वारा स्ट्रीट वेंडर्स को बेदखल किया जा रहा है। उनसे भारी जुर्माना वसूला जा रहा है और उनका सामान जब्त किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
बिना वैकल्पिक जगह दिए हटाने पर रोक
मामले का संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार आयोग ने निर्देश दिया है कि नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के दौरान स्थानीय दुकानदारों को अकारण न हटाया जाए। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि जनसुविधा के लिए किसी क्षेत्र को खाली कराना अनिवार्य हो, तो प्रशासन को उन वेंडर्स के लिए व्यापार की वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।
मनमाने ढंग से सामान जब्त करने पर प्रतिबंध
आयोग ने राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को आदेश दिया है कि छोटे व्यापारियों और हॉकरों का सामान मनमाने ढंग से जब्त न किया जाए। प्रशासन को उनके रोजगार और आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए उचित सतर्कता बरतनी होगी।
पिछले वर्ष की शिकायतों के बाद दोहराए गए निर्देश
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी त्योहारों के दौरान छोटे दुकानदारों के साथ दुर्व्यवहार की समान शिकायतें सामने आई थीं। उस समय भी एनएचआरसी ने राज्यों को इसी तरह के दिशा-निर्देश जारी किए थे। आयोग ने इस बार भी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का संदेश दिया है।