कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद केंद्र और राज्य के रिश्तों में बदलाव का दावा राज्य सरकार की ओर से किया जा रहा है। पिछली सरकार के दौरान नीति आयोग की बैठकों को लेकर केंद्र और राज्य के बीच कई बार मतभेद सामने आए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री का आरोप था कि बैठकों में उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया जाता था, जिसके चलते कई बार नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार भी किया गया।
सरकार बदलने के बाद नीति आयोग की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री
सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लिया। अब कोलकाता में ही नीति आयोग की बैठक आयोजित की जा रही है। न्यूटाउन के वेस्टिन होटल में आयोजित बैठक में देश के अलग-अलग राज्यों के वित्त मंत्री अपने राज्यों से जुड़े मुद्दे और सुझाव रख रहे हैं।
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
मंगलवार को कार्यक्रम की शुरुआत पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने की। बैठक का मुख्य विषय ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स’ यानी सतत विकास के लक्ष्य रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट से लेकर सरकार की विभिन्न योजनाओं तक सतत विकास के लक्ष्यों को अब विशेष महत्व दिया जा रहा है।
‘लंबे समय बाद बंगाल में इस स्तर की बैठक’
स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि लंबे समय बाद पश्चिम बंगाल में इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की बैठक आयोजित हो रही है। उन्होंने नीति आयोग को एक महत्वपूर्ण संस्था बताते हुए कहा कि यह देश के अलग-अलग राज्यों को सहयोग देने का काम करता है।
केंद्र सरकार के सहयोग का किया दावा
वित्त मंत्री ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी के साथ अपने व्यक्तिगत संपर्क का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की ओर से भी विभिन्न क्षेत्रों में पश्चिम बंगाल को सहयोग मिल रहा है। उनके मुताबिक केंद्र और राज्य के बीच समन्वय के साथ विकास को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
बंगाल में निवेश को लेकर वित्त मंत्री आशावादी
स्वपन दासगुप्ता ने पश्चिम बंगाल में निवेश की संभावनाओं को लेकर भी उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों की कॉरपोरेट कंपनियां और कारोबारी अब बंगाल में निवेश की संभावनाओं पर दोबारा विचार कर रहे हैं। उन्होंने जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर को लेकर इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से आयोजित होने वाले विशेष कन्वेंशन का भी उल्लेख किया।
‘व्यापार के अनुकूल माहौल बनाना राज्य की जिम्मेदारी’
वित्त मंत्री ने कहा कि बंगाल में कारोबार के अनुकूल माहौल तैयार करना और जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भविष्य कोई और हमारे हाथ में नहीं देगा, बल्कि इसे खुद तैयार करना होगा।
बुनियादी ढांचे के विकास का लाभ बंगाल को मिले
स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि देश में जिस तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है, उसका फायदा पश्चिम बंगाल किस तरह उठा सकता है, यह राज्य के सामने बड़ी जिम्मेदारी है। नीति आयोग की बैठक को इसी दिशा में केंद्र और राज्यों के बीच संवाद का मंच बताया जा रहा है।
केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर
कुल मिलाकर, नई सरकार के गठन के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से एक तरफ निवेशकों की बढ़ती रुचि का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर केंद्र के साथ समन्वय बनाकर नीति आयोग की बैठकों और विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों में भागीदारी का संदेश दिया जा रहा है। कोलकाता में आयोजित नीति आयोग की बैठक को राज्य सरकार इसी बदले हुए समीकरण के एक महत्वपूर्ण उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है।