कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज, 27 सितंबर से पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। 27 और 28 सितंबर को प्रस्तावित इस दौरे के दौरान वे प्रदेश भाजपा के नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन के अलग-अलग स्तर के पदाधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे।
संगठनात्मक गतिविधियों की करेंगे समीक्षा
नितिन नवीन के दौरे का प्रमुख फोकस प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा पर रहेगा। वे प्रदेश पदाधिकारियों, विभाग संयोजकों, विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। इसके अलावा पार्टी के आईटी, मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े पदाधिकारी भी समीक्षा बैठक में शामिल होंगे।
सांसदों और विधायकों के साथ भी बैठक
राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा के सांसदों और विधायकों के साथ अलग से बैठक करेंगे। इसमें संगठन से जुड़े विषयों के साथ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और पार्टी संगठन के बीच समन्वय को लेकर चर्चा होगी। इसके बाद प्रदेश कोर ग्रुप के सदस्यों और वरिष्ठ नेताओं के साथ भी उनकी बैठक प्रस्तावित है।
‘मन की बात’ कार्यक्रम में होंगे शामिल
दौरे के पहले दिन नितिन नवीन सुबह करीब 11 बजे न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में शामिल होंगे। इसके बाद संगठनात्मक बैठकों का सिलसिला शुरू होगा।
प्रमुख हस्तियों से भी संवाद
रविवार शाम को कोलकाता में नितिन नवीन की प्रमुख हस्तियों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ संवाद का कार्यक्रम भी है। इस दौरान वे विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से बातचीत करेंगे।
दूसरे दिन पानीहाटी में कार्यक्रम
दौरे के दूसरे दिन यानी 28 सितंबर को नितिन नवीन उत्तर 24 परगना के पानीहाटी जाएंगे। यहां सुबह 10:30 बजे लोक संस्कृति भवन में ‘आंगन का मिलन’ सेवा कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम है। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे स्पेस सर्किल क्लब में आयोजित ‘युवा संवाद कॉन्क्लेव’ को संबोधित करेंगे।
हालिया संगठनात्मक फेरबदल के बाद दौरा
नितिन नवीन का बंगाल दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब प्रदेश भाजपा में हाल ही में कई संगठनात्मक बदलाव किए गए हैं। महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, प्रदेश समिति और सात संगठनात्मक जिलों में पदों पर बदलाव हुए हैं। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष की बैठकों में संगठन की मौजूदा स्थिति और विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय से जुड़े मुद्दों की समीक्षा प्रमुख विषयों में शामिल रहेगी।