कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे के दौरान संगठन और सरकार के कामकाज को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद किए गए वादों, उनके क्रियान्वयन और अब तक हुई प्रगति की समीक्षा पर विशेष जोर दिया गया।
लंबे संघर्ष के बाद बंगाल में बनी भाजपा सरकार
बैठक में पश्चिम बंगाल में भाजपा के लंबे राजनीतिक संघर्ष का भी उल्लेख किया गया। पार्टी नेताओं के मुताबिक, राज्य में भाजपा की सरकार बनाने के लिए संगठन और कार्यकर्ताओं ने लंबे समय तक संघर्ष किया है। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं को हिंसा का सामना करना पड़ा और कई कार्यकर्ताओं की जान भी गई।
बैठक में बताया गया कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल के दौरान 334 भाजपा कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर राजनीतिक हिंसा में अपनी जान गंवानी पड़ी। वहीं, इससे पहले के वाम मोर्चा शासन के दौरान भी भाजपा के कई कार्यकर्ताओं की हत्या का दावा पार्टी की ओर से किया जाता रहा है।
सरकार के वादों की हुई समीक्षा
नितिन नवीन ने सरकार की ओर से जनता से किए गए वादों को लेकर भी जानकारी ली। बैठक में यह चर्चा हुई कि चुनाव के दौरान जिन घोषणाओं और वादों को जनता के सामने रखा गया था, उनमें से कितने पूरे हो चुके हैं और किन योजनाओं पर अभी काम चल रहा है।
सरकार के स्तर पर वादों के क्रियान्वयन की स्थिति, अब तक हुई प्रगति और बाकी कामों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही यह भी तय किया गया कि जनता से किए गए वादों को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें तय समयसीमा के भीतर जमीन पर उतारा जाए।
मंत्रियों और संगठन के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
बैठक में मंत्रियों के कामकाज और पार्टी संगठन के साथ उनके समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्रियों को सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया गया, ताकि पार्टी की प्राथमिकताओं और सरकार के कामकाज में बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं को अपनी हर छोटी-बड़ी समस्या के लिए बार-बार मंत्रियों के पास पहुंचने की स्थिति नहीं बननी चाहिए। संगठन और सरकार के बीच कामकाज की एक व्यवस्थित प्रक्रिया विकसित करने पर जोर दिया गया।
वादों को जनता तक पहुंचाने की समयसीमा
बैठक में सरकार के वादों को जनता तक पहुंचाने के लिए समयसीमा तय किए जाने की बात भी सामने आई। अलग-अलग घोषणाओं और योजनाओं की प्रगति पर नजर रखने के साथ यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि निर्धारित समय के भीतर संबंधित कार्य पूरे हों।
पार्टी नेतृत्व की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि सरकार के कामकाज और चुनावी वादों के क्रियान्वयन की जानकारी संगठन के माध्यम से जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचनी चाहिए।
छह महीने बाद फिर होगी समीक्षा बैठक
नितिन नवीन ने करीब छह महीने बाद दोबारा बैठक करने की बात कही है। अगली बैठक में यह देखा जाएगा कि मौजूदा बैठक में तय किए गए लक्ष्यों पर कितना काम हुआ और कौन-कौन से काम अभी बाकी हैं।
इस समीक्षा के जरिए सरकार के वादों के क्रियान्वयन और संगठन के स्तर पर तय किए गए कार्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा।
प्रशासन के कामकाज की भी ली जानकारी
बैठक में केवल पार्टी संगठन और मंत्रियों के कामकाज तक ही चर्चा सीमित नहीं रही। राज्य में प्रशासन किस तरह काम कर रहा है, सरकार की योजनाओं का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाई दे रहा है और प्रशासनिक व्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ रही है, इस बारे में भी जानकारी ली गई।