कोलकाता : पश्चिम मेदिनीपुर जिला पुलिस ने महालया के अवसर पर आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनजर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का विस्तृत खाका तैयार किया है, जिसके तहत जिलेभर में कड़े पहरे और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
त्रि-स्तरीय सुरक्षा और भारी पुलिस बल की तैनाती
दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में उमड़ने वाली भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए पश्चिम मेदिनीपुर जिला पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मेले और पूजा के दिनों में रातभर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इस व्यवस्था की जिम्मेदारी 20 पुलिस अधिकारियों और 500 कांस्टेबलों के कंधों पर होगी। इसके अलावा, संवेदनशील और महत्वपूर्ण इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को भी तैनात किया जाएगा।
आपातकालीन मदद के लिए विशेष 'क्यूआर कोड' की शुरुआत
दर्शक किसी भी अनहोनी या आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपट सकें, इसके लिए जिला पुलिस द्वारा एक विशेष **क्यूआर कोड** व्यवस्था शुरू की गई है। कोई भी श्रद्धालु इस क्यूआर कोड को स्कैन करके संबंधित इलाके के पुलिस हेल्पलाइन नंबर, एम्बुलेंस और नजदीकी अस्पताल जैसी सभी आवश्यक जानकारियां तुरंत प्राप्त कर सकता है।
महिला सुरक्षा और जन-सुविधाओं पर विशेष ध्यान
महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने खास कदम उठाए हैं। पंडालों और मुख्य रास्तों पर महिला कांस्टेबलों की तैनाती की जाएगी, और तृतीया से जिले में 'दुर्गावाहिनी' भी मुस्तैद रहेगी। इसके अलावा, महिलाओं के लिए निश्चित दूरी पर बायो-टॉयलेट और बेबी फीडिंग जोन की भी व्यवस्था की गई है।
ट्रैफिक नियंत्रण और तकनीकी निगरानी
जिला पुलिस अधीक्षक पापिया सुलताना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उत्तम घोष और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को विभिन्न मंडपों और क्षेत्रों की सुरक्षा का जायजा लिया। इस दौरान महालया पर जिला पुलिस ने पूजा गाइडमैप का भी विमोचन किया।
- ट्रैफिक और परिवहन: जिले में 19 नए ट्रैफिक कियोस्क का उद्घाटन किया गया है। पंचमी से खड़गपुर और मेदिनीपुर शहर में वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी, जिसके तहत दोपहर 3 बजे के बाद शहर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
- गश्त और सहायता केंद्र: पूजा की रातों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 159 मोटरसाइकिल टीमें गश्त करेंगी, 65 सहायता बूथ बनाए गए हैं, 43 जगहों पर नाका चेकिंग होगी और साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए 44 साइबर वॉल सक्रिय रहेंगे।
पुलिस की ओर से पूजा के दौरान नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि लोग सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में पर्व का आनंद ले सकें।