बर्धमान: पूर्व बर्धमान में चार साल के बच्चे की मौत से जुड़े मामले में अब एक और गंभीर शिकायत सामने आई है। बच्चे की मौत के बाद शिकायत दर्ज कराने वाली उसकी मां ने आरोप लगाया है कि उसे फोन कर केस वापस लेने का दबाव बनाया गया और AI की मदद से आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाने की धमकी दी गई। महिला ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह मामला उस घटना से जुड़ा है जिसमें 2 सितंबर को बर्धमान के एक निजी नर्सिंग होम में चार वर्षीय बच्चे अरण्य की फाइमोसिस की सर्जरी के दौरान मौत हो गई थी। जांच के दौरान सर्जरी करने वाले शेख सायेदुल हक की मेडिकल योग्यता और रजिस्ट्रेशन को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए।
2 सितंबर को सर्जरी के दौरान हुई थी बच्चे की मौत
रिपोर्टों के मुताबिक, चार वर्षीय अरण्य को बर्धमान के नवाबहाट इलाके के लाइफ केयर नर्सिंग होम में फाइमोसिस की सर्जरी के लिए भर्ती कराया गया था। 2 सितंबर को ऑपरेशन के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिवार ने कथित चिकित्सा लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध किया और स्वास्थ्य विभाग से कार्रवाई की मांग की। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। पूर्व बर्धमान के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी जयाराम हेमब्रम के आदेश के बाद नर्सिंग होम की चिकित्सा सेवाएं बंद करने की कार्रवाई की गई।
जांच में सायेदुल हक की मेडिकल योग्यता पर सवाल
स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान सर्जरी करने वाले शेख सायेदुल हक को लेकर गंभीर सवाल सामने आए। रिपोर्टों में उसे कथित फर्जी डॉक्टर बताया गया है। उसके मेडिकल प्रमाणपत्र और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी की जांच की गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सायेदुल के खिलाफ फर्जी मेडिकल योग्यता और रजिस्ट्रेशन से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई शुरू हुई और उसका नाम उन डॉक्टरों में शामिल है जिनके रजिस्ट्रेशन को रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, सायेदुल हक के खिलाफ लगे सभी आरोपों का अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
अब बच्चे की मां को धमकी देने का आरोप
बच्चे की मां शिल्पा राय ने आरोप लगाया है कि 19 सितंबर की रात उन्हें एक अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कथित तौर पर उन्हें मामले से जुड़ी शिकायत वापस लेने के लिए कहा। शिल्पा के मुताबिक, फोन करने वाले ने दावा किया कि AI तकनीक के जरिए उनके चेहरे का इस्तेमाल करके आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार की गई हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर डाल दिया गया है। कथित तौर पर शिकायत वापस नहीं लेने पर और तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी गई। महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि वह इस धमकी के बाद मानसिक रूप से परेशान और असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अभी तक ऐसी किसी तस्वीर का लिंक नहीं देखा है।
पुलिस कर रही है फोन नंबर की जांच
धमकी भरे फोन की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फोन किसने किया और उसका बच्चे की मौत से जुड़े मामले के आरोपियों से कोई संबंध है या नहीं। साइबर जांच के जरिए यह भी पता लगाया जा रहा है कि वास्तव में कोई आपत्तिजनक सामग्री इंटरनेट या सोशल मीडिया पर अपलोड की गई है या नहीं। फिलहाल AI से तस्वीरें बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर डालने का दावा शिकायतकर्ता को मिली कथित धमकी का हिस्सा है; इसके ऑनलाइन पोस्ट होने की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
फर्जी डॉक्टरों के नेटवर्क की जांच भी जारी
बच्चे की मौत की जांच के दौरान पूर्व बर्धमान में कथित फर्जी डॉक्टरों को लेकर व्यापक सवाल उठे हैं। कुछ रिपोर्टों में ऐसे कई लोगों के नाम सामने आने और उनके मेडिकल रजिस्ट्रेशन की जांच की जानकारी दी गई है। एक अलग शिकायत के बाद बिधाननगर साउथ थाने में भी फर्जी मेडिकल डिग्री, कथित जाली दस्तावेज और अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस से जुड़े आरोपों की जांच शुरू होने की रिपोर्ट सामने आई है। अब पुलिस के सामने दो स्तरों पर जांच की चुनौती है—एक तरफ बच्चे की मौत और कथित चिकित्सा लापरवाही से जुड़े मामले की जांच, दूसरी तरफ बच्चे की मां को मिली कथित AI डीपफेक धमकी के पीछे मौजूद व्यक्ति या नेटवर्क की पहचान।