कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने पार्टी की चुनावी रणनीति, पूर्व पार्षदों की संभावित एंट्री, मेयर पद के उम्मीदवार और परिसीमन को लेकर उठ रहे सवालों पर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता ने बीजेपी पर भरोसा जताया है और पार्टी इसी जनसमर्थन के आधार पर आगे बढ़ रही है।
‘बीजेपी किसी की दया से सत्ता में नहीं आई’
समिक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक मुकाबले का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी ने अपने दम पर चुनाव लड़ा है। उनके मुताबिक, पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनाव से सबक लेते हुए 2026 में अपनी रणनीति तैयार की और जनता का समर्थन हासिल किया। उन्होंने दावा किया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी ने दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को जनता ने भरोसे के आधार पर चुना है और यह विश्वास आज भी कायम है।
44 पूर्व पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने की चर्चा पर क्या बोले?
करीब 44 पूर्व पार्षदों के बीजेपी के संपर्क में होने और पार्टी से चुनाव लड़ने की इच्छा जताने संबंधी सवाल पर समिक भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है और न ही बीजेपी के पास इस संबंध में कोई आवेदन आया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर भी इस विषय पर किसी स्तर पर चर्चा नहीं हुई है।
कोलकाता और हावड़ा में मेयर के चयन पर दिया भरोसा
कोलकाता और हावड़ा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए जब उनसे पूछा गया कि इन दोनों नगर निगमों में मेयर पद के लिए उम्मीदवार चुनना पार्टी के लिए कितनी बड़ी चुनौती होगी, तो समिक भट्टाचार्य ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए चुनाव अपने आप में एक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ेगी और जनता को अच्छा मेयर मिलेगा। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि मेयर दिखने में सुंदर होंगे या नहीं, यह नहीं कह सकते, लेकिन वे अच्छे और काम करने वाले मेयर जरूर होंगे।
सुभेंदु अधिकारी सरकार के पांच महीने के कामकाज का किया जिक्र
समिक भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले पांच महीनों में चुनावी संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में प्रयास किए गए हैं। उन्होंने अन्नपूर्णा योजना, नई भर्तियों की शुरुआत, कानून-व्यवस्था मजबूत करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन उपलब्ध कराने और राज्य में नए निवेश लाने की दिशा में किए गए प्रयासों को भी सरकार के कामकाज का हिस्सा बताया।
मुख्यमंत्री को धमकी देने के मामले पर भी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री को कथित तौर पर व्हाट्सऐप के जरिए धमकी दिए जाने और इस मामले में पाकिस्तानी आतंकवादियों तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम सामने आने संबंधी सवाल पर समिक भट्टाचार्य ने कहा कि निराश कुछ लोग इस तरह की धमकियां देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी धमकियों का समर्थन करने वालों पर भी जनता की नजर है। उन्होंने राष्ट्रवाद के आधार पर राजनीति करने और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का विरोध करने वालों की भूमिका पर भी जोर दिया।
परिसीमन के आरोपों पर विपक्ष को घेरा
कोलकाता नगर निगम के परिसीमन को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर समिक भट्टाचार्य ने पलटवार किया। विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी ने राजनीतिक लाभ और पूर्ण बहुमत हासिल करने के उद्देश्य से परिसीमन कराया। इस पर बीजेपी नेता ने सवाल उठाया कि जब आपत्ति दर्ज कराने और अपनी बात रखने का अवसर था, तब विरोध क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि संबंधित मंच पर अपनी राय रखने की गुंजाइश थी और विपक्ष को उस समय अपनी बात रखनी चाहिए थी। उन्होंने विपक्ष पर जमीनी स्तर पर विरोध करने के बजाय टेलीविजन चैनलों पर राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप भी लगाया।
कोलकाता और हावड़ा की राजनीति पर टिकी नजरें
समिक भट्टाचार्य के बयान से साफ है कि बीजेपी कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनावों को लेकर अपने संगठन और चुनावी रणनीति पर भरोसा जता रही है। मेयर पद के उम्मीदवारों के चयन, पूर्व पार्षदों की संभावित एंट्री और परिसीमन को लेकर राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। हालांकि, 44 पूर्व पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने की चर्चा पर पार्टी की ओर से फिलहाल किसी आधिकारिक पहल की पुष्टि नहीं की गई है।