कोलकाता: SIR को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध तेज हो गया है। ISF ने मंगलवार को शियालदह स्टेशन से धर्मतला तक मार्च निकाला। मार्च के बाद भांगड़ के विधायक और ISF नेता नौशाद सिद्दीकी ने कोलकाता के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नीलम मीणा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
SIR में नाम काटने का नौशाद का आरोप
नौशाद सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उनका दावा है कि करीब 22 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नाम अभी भी अंडर एडजुडिकेशन यानी विचाराधीन स्थिति में हैं और इन मामलों के निपटारे की जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
ISF ने रखीं छह मांगें
ISF की ओर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने छह मांगें रखी गईं। इनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल है। इसके अलावा विचाराधीन मामलों की संख्या सार्वजनिक करने, मतदाता सूची से नाम हटाने का कारण संबंधित लोगों को बताने और लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने की मांग की गई।
नीलम मीणा पर भी नौशाद ने उठाए सवाल
नौशाद सिद्दीकी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी नीलम मीणा की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान नाम हटाए जाने के कारणों की जानकारी देने की बात कही गई थी, लेकिन अब लोगों को इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है। इसी को लेकर उन्होंने नीलम मीणा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद के लिए उपयुक्त नहीं बताया।
कांग्रेस ने भी CEO कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
इसी दिन प्रदेश कांग्रेस की ओर से भी CEO कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने उपचुनाव को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस के एक उम्मीदवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने एक थाना प्रभारी की पोस्टिंग और दोबारा वापसी को लेकर भी सवाल उठाए।
रानीनगर में वोटरों को डराने का आरोप
शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि रेजीनगर से सटे रानीनगर इलाके में मतदाताओं को डराया जा रहा है और उन्हें वोट देने से रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए चुनाव के दौरान निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित करने की मांग की।
मिलन प्रधान की जमानत का मुद्दा भी उठा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने नंदीग्राम से पार्टी उम्मीदवार मिलन प्रधान की जमानत का मुद्दा भी उठाया। उनका दावा है कि हल्दिया कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद कांथी में मामले को लेकर अलग स्थिति बनी। कांग्रेस ने अपने पोलिंग एजेंटों को कथित तौर पर डराने और नंदीग्राम में प्रचार के लिए आने वाले लोगों पर हमले के आरोप भी लगाए।
काउंटिंग सेंटर को लेकर कांग्रेस की मांग
शुभंकर सरकार ने नंदीग्राम उपचुनाव के काउंटिंग सेंटर को लेकर भी मांग रखी। कांग्रेस की ओर से रেয়ापाड़ा से हल्दिया तक पहले की व्यवस्था बनाए रखने की मांग किए जाने की बात कही गई।
भाजपा उम्मीदवार के नामांकन पर भी सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार हंसीरानी रथ के नामांकन में कथित तौर पर गलत जानकारी दिए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में चुनाव आयोग को अपनी भूमिका निभानी चाहिए थी। इसी के साथ कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।