कोलकाता: चुनाव आयोग ने SIR (Special Intensive Revision) के बाद मतदाता सूची को और अधिक सटीक बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर से देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उन पात्र मतदाताओं की पहचान करना है, जिनके नाम किसी वजह से मौजूदा मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। इसके लिए बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे। इस दौरान नए पात्र मतदाताओं को भी सूची में शामिल करने की प्रक्रिया की जाएगी।
कटे हुए नाम को जोड़ने की पहल
चुनाव आयोग के निर्देश के बाद BLO पिछली और मौजूदा मतदाता सूची का मिलान करेंगे। इस प्रक्रिया में उन मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनका नाम पिछली SIR सूची में दर्ज था, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं है। इसके बाद संबंधित BLO ऐसे मतदाताओं के घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी लेंगे। अगर जांच में व्यक्ति मतदाता बनने के लिए पात्र पाया जाता है, तो उसका नाम दोबारा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए पात्र व्यक्ति को Form-6 भरना होगा। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
नई मतदाता सूची तैयार करने पर जोर
विशेष अभियान के तहत BLO को अपडेटेड सूची तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए उन्हें पुरानी और वर्तमान मतदाता सूची की तुलना करनी होगी। इस तुलना के आधार पर ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी, जिनका नाम पहले मौजूद था लेकिन अब सूची में नहीं है। इसके बाद BLO संबंधित मतदाताओं के घर जाकर फील्ड वेरिफिकेशन करेंगे। मतदाता की वर्तमान स्थिति और पात्रता की जानकारी जुटाई जाएगी। पात्र पाए जाने वाले लोगों से Form-6 भरवाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के आधार पर मतदाता सूची को अपडेट किया जाएगा।
नए मतदाताओं को भी मिलेगा मौका
यह अभियान सिर्फ पहले से सूची में शामिल रहे लेकिन अब नाम नहीं होने वाले मतदाताओं तक सीमित नहीं रहेगा। चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार नए पात्र मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। BLO घर-घर जाकर ऐसे लोगों की जानकारी जुटाएंगे, जो मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं। पात्रता पूरी करने वाले लोगों को Form-6 के जरिए आवेदन करने का मौका मिलेगा। इससे पहली बार मतदान करने वाले योग्य नागरिकों को भी सूची में शामिल किया जा सकेगा। अभियान के जरिए मतदाता सूची में छूटे नामों को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राजनीतिक दलों के साथ साझा होगी सूची
फील्ड वेरिफिकेशन के बाद तैयार की गई सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ भी साझा किया जाएगा। इसमें उन मतदाताओं की जानकारी शामिल होगी, जिनके नाम पिछली सूची में थे लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं। BLO की वेरिफिकेशन रिपोर्ट भी संबंधित चुनाव अधिकारियों के साथ साझा की जाएगी। इसके बाद ERO यानी Electoral Registration Officer बूथ-वार सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराएंगे। इससे राजनीतिक दलों को भी छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम सामने लाने का अवसर मिलेगा। इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची को और अधिक व्यापक बनाने की कोशिश की जाएगी।
बेघर और वंचित लोगों के लिए विशेष कैंप
अभियान के दौरान बेघर और वंचित वर्गों के पात्र लोगों को भी मतदाता सूची में शामिल करने पर ध्यान दिया जाएगा। ऐसे लोगों तक पहुंचने के लिए जरूरत पड़ने पर विशेष कैंप आयोजित किए जा सकते हैं। इन कैंपों के जरिए पात्र लोगों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। BLO और चुनाव अधिकारी ऐसे लोगों की पहचान और सत्यापन में भूमिका निभाएंगे। चुनाव आयोग का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। अभियान के पूरा होने के बाद मतदाता सूची को उपलब्ध जानकारी और सत्यापन के आधार पर अपडेट किया जाएगा।