कोलकाता: कोलकाता के पंचसायर स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में एक सप्ताह के भीतर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। रविवार को बंगीय हिंदू जागरण मंच के विरोध मार्च के दौरान संस्थान के मुख्य गेट के बाहर भारी हंगामा हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने कैंपस में प्रवेश की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
अजयनगर से SRFTI तक निकाला गया मार्च
बंगीय हिंदू जागरण मंच की ओर से अजयनगर इलाके से SRFTI की ओर मार्च निकाला गया। संगठन का कहना है कि पिछले सप्ताह संस्थान में आयोजित अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत माता और स्वामी विवेकानंद की तस्वीरों के अपमान की घटना हुई थी। इसी के विरोध में रविवार को प्रदर्शन का आह्वान किया गया था।
बैरिकेड हटाने और गेट में प्रवेश की कोशिश का आरोप
SRFTI के मुख्य गेट के पास पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड लगाए थे, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की। इसके बाद भीड़ गेट तक पहुंच गई और अंदर जाने की कोशिश की गई।
दोनों पक्षों पर पत्थरबाजी के आरोप
हंगामे के दौरान कैंपस के अंदर मौजूद छात्रों और बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच पथराव के आरोप भी सामने आए हैं। एक रिपोर्ट में छात्रों की ओर पत्थर फेंके जाने का आरोप प्रदर्शनकारियों की तरफ से लगाए जाने की बात कही गई, जबकि छात्रों की ओर से भी बाहर मौजूद लोगों पर पत्थरबाजी का आरोप बताया गया है। घटनास्थल पर बोतलें फेंके जाने की भी जानकारी सामने आई है।
पिछले रविवार की घटना के बाद बढ़ी थी छात्रों की चिंता
SRFTI में यह तनाव पिछले रविवार हुई घटना के बाद सामने आया है। उस दिन RSS से जुड़े अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) के एक कार्यक्रम को लेकर कैंपस में विवाद और हिंसा की स्थिति बनी थी। छात्रों और कार्यक्रम से जुड़े लोगों की ओर से एक-दूसरे पर अलग-अलग आरोप लगाए गए थे। इस घटना के बाद से संस्थान के छात्रों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
छात्रों ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की
हिंदू जागरण मंच के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए SRFTI छात्रसंघ ने प्रशासन से पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की थी। छात्रसंघ ने चिंता जताई थी कि पिछले सप्ताह की घटना के बाद कैंपस के आसपास किसी नए जमावड़े से छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
पुलिस ने सुरक्षा का दिया था आश्वासन
रिपोर्टों के मुताबिक, SRFTI प्रशासन ने प्रस्तावित मार्च को लेकर पुलिस प्रशासन से संपर्क किया था। पुलिस की ओर से छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई थी। छात्रों ने भी पंचसायर थाने में जाकर मार्च को कैंपस के गेट तक पहुंचने से रोकने और जरूरत पड़ने पर रूट बदलने का अनुरोध किया था।
कैंपस के भीतर भी छात्रों ने किया जमावड़ा
बाहर प्रदर्शन के बीच SRFTI कैंपस के अंदर भी बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने की खबर है। छात्रों की ओर से सुरक्षा और पिछले घटनाक्रम को लेकर अपनी चिंताएं रखी गईं। छात्रसंघ ने प्रशासन से पूरे मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग भी की है।
SRFTI में तनाव का सिलसिला जारी
एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार SRFTI के आसपास तनाव की स्थिति बनने से संस्थान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। छात्रसंघ ने पिछले घटनाक्रम की जांच से जुड़ी विशेष जांच टीम की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता स्थिति को नियंत्रण में रखना और कैंपस में किसी नए टकराव को रोकना है।