कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद इस साल पहली बार दुर्गापूजा का आयोजन हो रहा है। ऐसे में कोलकाता की कई चर्चित दुर्गापूजाओं में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में लेकटाउन की मशहूर श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की पूजा भी नए बदलावों के साथ सामने आने वाली है। पिछले कई वर्षों से यह पूजा तत्कालीन मंत्री और लेकटाउन के विधायक सुजीत बोस से जुड़ी मानी जाती थी, लेकिन इस बार पूजा कमेटी और उसके नेतृत्व में बदलाव किया गया है।
नई कमेटी के हाथों में श्रीभूमि पूजा की जिम्मेदारी
सरकार बदलने के बाद श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की पूजा कमेटी में भी फेरबदल हुआ है। नई कमेटी में नए सदस्यों को जिम्मेदारियां दी गई हैं और नेतृत्व में भी बदलाव हुआ है। कमेटी में बदलाव के बाद यह सवाल उठने लगा था कि क्या इस बार श्रीभूमि की भव्य दुर्गापूजा आयोजित होगी। हालांकि आयोजकों ने साफ किया है कि पूजा बंद नहीं हुई है और इस बार भी बड़े स्तर पर आयोजन की तैयारी चल रही है।
हवा महल की तर्ज पर तैयार हो रहा भव्य पंडाल
इस साल श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की दुर्गापूजा की थीम राजस्थान के प्रसिद्ध हवा महल पर आधारित है। क्लब के मैदान में ही विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है। पिछले एक महीने से ज्यादा समय से पंडाल निर्माण का काम जारी है। लकड़ी और प्लाईवुड से तैयार किए जा रहे ढांचे को हवा महल का रूप देने के लिए रंग-बिरंगी प्लास्टिक की जालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पूजा की प्रतिमा भी पंडाल परिसर में पहुंच चुकी है।
करीब 80 फीसदी काम पूरा
आयोजकों के मुताबिक पंडाल का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। महालया के बाद पूजा के उद्घाटन की संभावना जताई जा रही है। पिछले वर्षों में महालया से पहले ही पूजा का उद्घाटन किया जाता था, लेकिन इस बार उद्घाटन कार्यक्रम के समय में बदलाव होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री करेंगे पूजा का उद्घाटन
पूजा कमेटी की ओर से बताया गया है कि इस साल राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री पूजा का उद्घाटन करेंगे। हालांकि अभी उद्घाटन की अंतिम तारीख तय नहीं हुई है और इसके महालया के बाद होने की संभावना है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री और जयपुर के मेयर को भी निमंत्रण
श्रीभूमि की इस साल की पूजा में राजस्थान कनेक्शन भी खास रहने वाला है। पूजा कमेटी के अनुसार राजस्थान के मुख्यमंत्री और जयपुर के मेयर को भी उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया है। कमेटी का कहना है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री को निमंत्रण पत्र भेजा जा चुका है और उनकी ओर से जवाब भी प्राप्त हुआ है।
नई कमेटी ने पुराने प्रबंधन पर लगाए आरोप
कमेटी में बदलाव के बाद पुराने पूजा प्रबंधन को लेकर भी आरोप सामने आए हैं। नई कमेटी के अध्यक्ष ने दावा किया है कि पिछले वर्षों में पूजा के संचालन पर पूर्व मंत्री सुजीत बोस का एकतरफा नियंत्रण था। उनका आरोप है कि उस दौरान प्रभाव और राजनीतिक ताकत के जरिए पूजा का प्रबंधन किया जाता था। नई कमेटी ने यह भी दावा किया है कि पहले आम श्रद्धालुओं के प्रतिमा के करीब जाने को लेकर कई तरह की पाबंदियां थीं। इसके अलावा पूजा के दौरान सड़क बंद करने, वीआईपी टिकट और पास जैसी व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठते रहे थे। हालांकि ये सभी दावे नई कमेटी की ओर से किए गए हैं।
'अब किसी नेता की नहीं, इलाके के लोगों की पूजा'
वर्तमान कमेटी का कहना है कि इस बार श्रीभूमि की पूजा का स्वरूप बदला हुआ नजर आएगा। आयोजकों के मुताबिक अब यह पूजा किसी व्यक्ति या राजनीतिक नेता से जुड़ी नहीं है, बल्कि इलाके के आम लोगों की पूजा है। कमेटी का दावा है कि नई व्यवस्था के साथ पुराने विवादों और शिकायतों को दूर करने की कोशिश की गई है।
बदलाव के साथ भव्यता बरकरार रखने की तैयारी
सत्ता परिवर्तन के बाद श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की पूजा कमेटी और प्रबंधन में भले ही बदलाव आया हो, लेकिन पूजा की भव्यता को बरकरार रखने की पूरी तैयारी है। राजस्थान के हवा महल की थीम पर तैयार हो रहा विशाल पंडाल, नई कमेटी और उद्घाटन में राजस्थान के मुख्यमंत्री को आमंत्रण—इन सबके चलते इस बार श्रीभूमि की दुर्गापूजा पर लोगों की खास नजर रहने वाली है।