कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित राय की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। शालबनी के कथित जमीन घोटाले की जांच के बीच अब उनके खिलाफ बालू कारोबार से जुड़ी कथित वसूली का एक नया मामला सामने आया है। एक बालू कारोबारी की शिकायत के आधार पर शालबनी थाने में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की खबर है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ओवरलोडेड बालू लदे ट्रकों को बिना कार्रवाई के पार कराने के नाम पर करीब 50 लाख रुपए की 'प्रोटेक्शन मनी' ली गई। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि रकम देने के बावजूद ट्रकों को रोके जाने और बाद में दबाव बनाए जाने का सिलसिला जारी रहा। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
50 लाख रुपए की कथित वसूली को लेकर नया मामला
शिकायत के मुताबिक, बालू कारोबारी से शालबनी और बांकुड़ा सीमा क्षेत्र से ट्रकों के आवागमन को लेकर कथित तौर पर रकम मांगी गई थी। आरोप है कि ओवरलोडेड ट्रकों को प्रशासनिक कार्रवाई से बचाने और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के नाम पर लगभग 50 लाख रुपए लिए गए।कारोबारी का दावा है कि भुगतान के बाद भी ट्रकों को रोके जाने की घटनाएं हुईं। रकम वापस मांगने या इसका विरोध करने पर कथित तौर पर दबाव और धमकी दी गई। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की है। हालांकि, सुमित राय की ओर से इन नए आरोपों पर उनकी प्रतिक्रिया की जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
शालबनी जमीन मामले में पहले से CID की कार्रवाई
सुमित राय शालबनी के कथित जमीन घोटाले में पहले से ही जांच के दायरे में हैं। पश्चिम बंगाल CID ने 10 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। इसके बाद पश्चिम मेदिनीपुर की अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेजा था। जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी जमीन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों, नकली सील और जाली कागजात के जरिए हस्तांतरित और बेचा गया। इस मामले में पूर्व तृणमूल विधायक सुजय हाजरा समेत अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। CID की चार्जशीट में सुमित राय की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। CID के अनुसार, 2018 से 2021 के बीच राय से जुड़े एक बैंक खाते में करीब 7 करोड़ रुपए जमा हुए, जिनके स्रोत को लेकर जांच की जा रही है। एजेंसी ने कई गवाहों के बयानों और कथित वित्तीय लेनदेन को भी जांच का हिस्सा बनाया है। राय के वकील ने इन आरोपों का विरोध किया है।
जमीन मामले के बाद अब बालू कारोबार की जांच पर नजर
नए बालू कारोबार संबंधी आरोपों के सामने आने से शालबनी में कथित अवैध वसूली और कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच का दायरा बढ़ सकता है। शिकायत में 50 लाख रुपए की कथित 'प्रोटेक्शन मनी' का जिक्र होने के बाद पुलिस के सामने भुगतान के तरीके, कथित मध्यस्थों और ट्रकों की आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड की जांच अहम होगी। हालांकि, फिलहाल ये आरोप शिकायतकर्ता के दावों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। पुलिस जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य सामने आने से पहले इन्हें साबित तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता।