कोलकाता: पश्चिम बंगाल में वरिष्ठ अधिवक्ता और माकपा के पूर्व राज्यसभा सांसद बिकाश रंजन भट्टाचार्य के घर पर हुए हमले के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बिकाश भट्टाचार्य को सोशल मीडिया पोस्ट से ‘हिंदुत्ववादी’ शब्द हटाने या पोस्ट में संशोधन करने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
घर पर हमले के बाद बिकाश भट्टाचार्य ने लगाए आरोप
दरअसल, गुरुवार, 8 अक्टूबर की सुबह दक्षिण कोलकाता में बिकाश रंजन भट्टाचार्य के घर को निशाना बनाया गया था। आरोप है कि चेहरा ढककर मोटरसाइकिल से पहुंचे एक व्यक्ति ने घर की खिड़कियों पर कांच की बोतलें फेंकीं, जिससे शीशे टूट गए। घटना के दौरान धमकी देने और अपशब्द कहने के आरोप भी सामने आए। इस घटना के बाद बिकाश भट्टाचार्य ने कथित हमले के लिए ‘हिंदुत्ववादी गुंडों’ को जिम्मेदार ठहराया था। उनका कहना था कि गरीबों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों को डराने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, हमले के पीछे किसका हाथ है, यह जांच का विषय है।
सुवेंदु अधिकारी ने टिप्पणी को बताया आपत्तिजनक
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी खास विचारधारा से जुड़े लोगों को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, इस टिप्पणी से पूरे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस हमले की जांच कर रही है और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने बप्पा गुचैत नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। रिपोर्टों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आरोपी की पहचान की गई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। इस बीच, बिकाश भट्टाचार्य की सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यानी एक ओर घर पर हमले की जांच जारी है, तो दूसरी ओर इस घटना पर उनकी प्रतिक्रिया ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद
इस घटना पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी हमले की निंदा की है। उन्होंने राजनीतिक विचारधारा से इतर वकीलों को बिना डर के अपना पेशेवर दायित्व निभाने देने की बात कही। वहीं, सुवेंदु अधिकारी की 24 घंटे की चेतावनी के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि बिकाश भट्टाचार्य अपनी पोस्ट में बदलाव करते हैं या नहीं। फिलहाल, हमले के पीछे की पूरी सच्चाई और कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की भूमिका पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।