नंदीग्राम: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मुख्यमंत्री इस दौरान टोटो में सवार होकर मतदान केंद्र पहुंचे। उनके इस अंदाज ने नंदीग्राम में लोगों का ध्यान खींचा।
टोटो में सवार होकर मतदान करने पहुंचे मुख्यमंत्री
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को मतदान हो रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए टोटो में सवार होकर मतदान केंद्र पहुंचे। आमतौर पर सुरक्षा घेरे और वाहनों के काफिले के साथ नजर आने वाले मुख्यमंत्री का टोटो से मतदान केंद्र तक पहुंचना खास चर्चा का विषय बन गया।
नंदीग्राम में दिखा मुख्यमंत्री का अलग अंदाज
मतदान केंद्र की ओर जाते समय मुख्यमंत्री टोटो में बैठे नजर आए। नंदीग्राम में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री का इस तरह आम परिवहन के साधन से मतदान करने पहुंचना लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। मतदान केंद्र पहुंचने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया के तहत अपना वोट डाला।
सुवेंदु अधिकारी के लिए नंदीग्राम क्यों है खास?
नंदीग्राम मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से जीत दर्ज करने के बाद सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने थे। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उनके विधानसभा सदस्य के रूप में बने रहने के लिए यह सीट खाली हुई और अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
बीजेपी ने हासिरानी रथ को मैदान में उतारा
नंदीग्राम उपचुनाव में बीजेपी ने हासिरानी रथ को अपना उम्मीदवार बनाया है। हासिरानी रथ दिवंगत बीजेपी नेता चंद्रनाथ रथ की मां हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के लिए यह सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि नंदीग्राम में बीजेपी की राजनीतिक पकड़ और संगठनात्मक ताकत की भी परीक्षा हो रही है।
नंदीग्राम के साथ रेजीनगर में भी मतदान
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम के अलावा मुर्शिदाबाद की रेजीनगर विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव हो रहा है। दोनों सीटों पर मतदान को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला तेज है। नतीजों से यह भी साफ होगा कि उपचुनाव में मतदाताओं का रुझान किस राजनीतिक दल के पक्ष में गया।
9 अक्टूबर को आएगा चुनाव परिणाम
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान के बाद अब सभी की नजर चुनाव परिणाम पर रहेगी। दोनों सीटों के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही नंदीग्राम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के प्रभाव और बीजेपी के चुनावी प्रदर्शन को लेकर तस्वीर भी साफ हो जाएगी।