रेजिनगर: पश्चिम बंगाल में आगामी 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रेजिनगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हिंदू-मुस्लिम भेदभाव से ऊपर उठकर विकास और राष्ट्रवाद की राजनीति करने का स्पष्ट संदेश दिया। हुमायूं कबीर द्वारा खाली की गई इस सीट पर पार्टी प्रत्याशी शाखा रव सरकार के समर्थन में पहुंचे मुख्यमंत्री ने रेजिनगर को फलता की तर्ज पर 'मॉडल विधानसभा' बनाने का वादा किया। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि नंदीग्राम और भवानीपुर की तरह रेजिनगर को भी वे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी और अपने ही विधानसभा क्षेत्र के रूप में देखेंगे।
नेताजी सुभाष सेवा केंद्र और सभी के लिए सरकारी योजनाएं
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में सामाजिक और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 'नेताजी सुभाष सेवा केंद्र' स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने जनता से किसी भी प्रकार के धार्मिक विभाजन से बचने की अपील करते हुए कहा, "हमें 70-30 प्रतिशत की राजनीति के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। हिंदू-मुस्लिम का भेदभाव छोड़ सरकार के पक्ष में वोट दें और शाखा रव सरकार को मेरे साथ भेजें।" उन्होंने भरोसा जताया कि योग्य अल्पसंख्यक महिलाओं को 'अन्नपूर्णा योजना' का लाभ मिलेगा और आयुष्मान योजना समेत तमाम सरकारी योजनाओं में बिना किसी भेदभाव के सभी को समान अवसर दिया जाएगा।
40 हजार प्रवासी श्रमिकों की वापसी और रोजगार का रोडमैप
रेजिनगर में प्रवासी श्रमिकों की गंभीर समस्या पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने उनके पुनर्वास की व्यापक योजना रखी। उन्होंने कहा कि बाहर काम कर रहे 40,000 प्रवासी श्रमिकों को अगले दो वर्षों के भीतर बंगाल वापस लाया जाएगा और उन्हें यहीं आजीविका के साधन मुहैया कराए जाएंगे। तात्कालिक राहत के रूप में आगामी 6 महीनों के दौरान 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करने का वादा किया गया। इसके अलावा, औद्योगिक विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रेजिनगर औद्योगिक पार्क (इंडस्ट्रियल एस्टेट) की जमीन का निरीक्षण कर लिया गया है और डेढ़ साल के भीतर यहां कारखानों का परिचालन शुरू हो जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
विपक्षी दलों और हुमायूं कबीर पर तीखा हमला
चुनावी मंच से मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस के धड़ों और पूर्व विधायक हुमायूं कबीर पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पुराने सत्तारूढ़ दल का नामोनिशान मिट चुका है और अब 'ममता तृणमूल' तथा 'गणतांत्रिक तृणमूल' जैसे गुट बन चुके हैं, जिनका राज्य में कोई जनाधार नहीं है। हुमायूं कबीर का नाम लिए बिना उन पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग समाज में हिंदू-मुस्लिम का विभाजन कर और दूसरों की मृत्यु की कामना करके राजनीति करते हैं, उनका पतन अनिवार्य है।
6 अक्टूबर को मतदान और त्रिकोणीय मुकाबला
उल्लेखनीय है कि 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं। 'आम जनता उन्नयन पार्टी' के संस्थापक हुमायूं कबीर द्वारा रेजिनगर सीट छोड़ने के बाद यहां दोबारा चुनाव हो रहा है। इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां हुमायूं कबीर ने अपने बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है, वहीं भाजपा की ओर से शाखा रव सरकार चुनावी मैदान में हैं। ममता तृणमूल कांग्रेस की तरफ से रबीउल आलम चौधरी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।