कोलकाता: लेखिका तसलीमा नसरीन एक बार फिर कोलकाता पहुंची हैं। पाला बदलने के बाद यह उनका दूसरी बार कोलकाता दौरा है। कोलकाता एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद उन्होंने शहर और यहां होने वाले दुर्गापूजा आयोजनों को लेकर अपनी खुशी जाहिर की। साथ ही बांग्लादेश में सांप्रदायिक कट्टरपंथ को लेकर उन्होंने सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की।
कोलकाता की पूजा को बताया बेहद खूबसूरत
तसलीमा नसरीन ने कहा कि उन्हें कोलकाता शहर बहुत पसंद है और यहां की दुर्गापूजा भी उन्हें बेहद अच्छी लगती है। उन्होंने बताया कि इस बार वह दुर्गापूजा के दौरान कोलकाता में नहीं रह पाएंगी, लेकिन पूजा से पहले कई कार्यक्रमों में शामिल होंगी। महालया के दिन संभव हुआ तो वह ईडन गार्डन्स में आयोजित कार्यक्रम भी देखने जाएंगी। उन्होंने कहा कि अगले साल से वह दुर्गापूजा के दौरान कोलकाता में जरूर रहना चाहती हैं।
महाजाति सदन और सॉल्टलेक में कार्यक्रम
तसलीमा नसरीन ने बताया कि महाजाति सदन में होने वाले कार्यक्रम में उनकी कविताओं और उनकी कविताओं पर आधारित गीतों की प्रस्तुति होगी। इस दौरान उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा और देवी वंदना का कार्यक्रम भी होगा। इसके अलावा 11 अक्टूबर को सॉल्टलेक के बीडी ऑडिटोरियम में साहित्यिक कार्यक्रम में वह शामिल होंगी। यहां उनकी एक किताब का विमोचन भी होगा। वहीं, नेशनल लाइब्रेरी में एक मैगजीन के उद्घाटन कार्यक्रम में भी उनके शामिल होने की जानकारी है।
बांग्लादेश में मूर्ति तोड़े जाने की घटनाओं पर चिंता
बांग्लादेश में दुर्गापूजा के दौरान मूर्तियां तोड़े जाने और सांप्रदायिक घटनाओं को लेकर सवाल पूछे जाने पर तसलीमा नसरीन ने कहा कि वहां के सांप्रदायिक उग्रवादी लंबे समय से ऐसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को कथित जिहादी और उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
‘सांप्रदायिकता के खिलाफ सभी को खड़ा होना चाहिए’
तसलीमा नसरीन ने कहा कि कोलकाता में दुर्गापूजा का आयोजन बेहद खूबसूरत तरीके से होता है और यहां इस तरह की घटनाओं का डर नहीं है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में सांप्रदायिकता के खिलाफ सभी को आवाज उठानी चाहिए। उनका कहना है कि देश को स्वस्थ और सभ्य बनाए रखने के लिए उग्रवादी समूहों का विरोध और उनके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
दुर्गापूजा के विरोध में जुलूस पर भी बोलीं
बांग्लादेश में दुर्गापूजा के खिलाफ निकाले जा रहे जुलूसों के सवाल पर तसलीमा नसरीन ने आरोप लगाया कि ऐसे कथित जिहादी और उग्रवादी समूहों को सरकारी प्रश्रय मिलने से उनका प्रभाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सरकार को सख्त कदम उठाना चाहिए और उन्हें रोकना जरूरी है।
तारिक रहमान के भारत आने पर क्या कहा?
BNP नेता तारिक रहमान के भारत आने की चर्चाओं पर भी तसलीमा नसरीन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तारिक रहमान जिस तरह कथित तौर पर जमात-ए-इस्लामी को प्रश्रय दे रहे हैं और जिहादी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, उसे देखते हुए वह अभी कुछ स्पष्ट नहीं कह सकतीं। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत और बांग्लादेश के संबंध बेहतर होंगे।