कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के सेवोक में तीस्ता नदी पर 6.91 किलोमीटर लंबे छह-लेन पुल के निर्माण को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। ₹1,175.59 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना नेशनल हाईवे-10 पर तैयार की जाएगी। नए पुल का उद्देश्य सिलीगुड़ी कॉरिडोर, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करना है।
₹1,175 करोड़ की पुल परियोजना को मंजूरी
केंद्र सरकार ने सेवोक में तीस्ता नदी पर नए छह-लेन पुल के निर्माण को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर कुल ₹1,175.59 करोड़ खर्च किए जाएंगे। पुल और इसके एप्रोच रोड की कुल लंबाई 6.91 किलोमीटर होगी। यह पुल दार्जिलिंग जिले में नेशनल हाईवे-10 पर बनाया जाएगा।एनएच-10 पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी क्षेत्र को सिक्किम से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। परियोजना का उद्देश्य यात्रियों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही को बेहतर बनाना है। केंद्र के मुताबिक, इससे क्षेत्र में यातायात और लॉजिस्टिक्स को मजबूती मिलेगी।
सुवेंदु अधिकारी ने केंद्र का जताया आभार
परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने केंद्र सरकार का आभार जताया। सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सेवोक में बनने वाला यह पुल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण जरूरत है। मुख्यमंत्री ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर की रणनीतिक अहमियत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों को देखते हुए मजबूत और अधिक क्षमता वाले पुल की जरूरत है। सुवेंदु अधिकारी ने एनएच-10 के अपग्रेड होने से यात्रियों और माल की आवाजाही आसान होने की बात कही। उन्होंने परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए राज्य की ओर से जरूरी सहयोग देने की बात भी कही।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर को मिलेगी मजबूती
तीस्ता पर बनने वाला यह पुल सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। यह कॉरिडोर उत्तर-पूर्वी राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला अहम भू-मार्ग है। एनएच-10 के जरिए यहां से सिक्किम और पूर्वोत्तर की ओर बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। नया छह-लेन पुल मौजूदा सड़क नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा। केंद्र के अनुसार, इससे यात्रियों और माल की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी। यातायात दबाव कम होने से यात्रा समय में भी कमी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
उत्तर बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर को फायदा
इस परियोजना से उत्तर बंगाल के साथ सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।बेहतर सड़क संपर्क से यात्रियों की आवाजाही आसान हो सकती है। माल की ढुलाई के लिए भी अधिक क्षमता वाला नया मार्ग उपलब्ध होगा। इससे क्षेत्रीय सप्लाई चेन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है। व्यापार और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कारोबार को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकता है। पर्यटन के लिहाज से भी सिलीगुड़ी, सिक्किम और आसपास के इलाकों तक पहुंच आसान हो सकती है। परियोजना से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद है।
कोरोनेशन ब्रिज का बनेगा विकल्प
नया पुल ऐतिहासिक कोरोनेशन ब्रिज के वैकल्पिक मार्ग के तौर पर तैयार किया जाएगा। सेवोक में मौजूद कोरोनेशन ब्रिज का निर्माण 1941 में हुआ था। यह पुल लंबे समय से सिलीगुड़ी और सिक्किम के बीच सड़क संपर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। समय के साथ इस मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ा है। नए छह-लेन पुल से पुराने पुल पर निर्भरता और यातायात दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। इससे एनएच-10 पर वाहनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। नई परियोजना को क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही वैकल्पिक पुल की जरूरत से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
लंबे समय से पाइपलाइन में था प्रोजेक्ट
सेवोक में तीस्ता नदी पर वैकल्पिक पुल बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। इस परियोजना को पहले भी आगे बढ़ाने की कोशिश की गई थी, लेकिन अलग-अलग कारणों से काम आगे नहीं बढ़ सका। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले पुल निर्माण के लिए ₹844 करोड़ की मंजूरी दी गई थी और टेंडर भी जारी हुआ था। हालांकि बाद में वह टेंडर रद्द कर दिया गया था। अब केंद्र ने संशोधित लागत के साथ नई छह-लेन परियोजना को मंजूरी दी है। नया पुल पुराने कोरोनेशन ब्रिज के लिए वैकल्पिक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया जाएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर की सड़क कनेक्टिविटी को नया आधार मिलने की उम्मीद है।