कोलकाता: कोलकाता में दुर्गापूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं। हर साल की तरह इस बार भी शहर के अलग-अलग पूजा पंडालों में अनोखी थीम देखने को मिलेगी। इन्हीं में से एक है कोलकाता का संतोष मित्र स्क्वायर, जहां इस बार पूजा पंडाल को खास अंदाज में सजाया जा रहा है।
वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर खास थीम
संतोष मित्र स्क्वायर की इस साल की दुर्गापूजा की थीम वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर आधारित है। बीजेपी विधायक सजल घोष से जुड़े इस पूजा पंडाल में भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और वंदे मातरम् से जुड़ी कहानी को कलात्मक अंदाज में पेश किया जा रहा है।
पंडाल में दिखेगा लाल किला और सेलुलर जेल
पंडाल में लाल किला, सेलुलर जेल, ट्रेन और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। पूरे पंडाल में गुलामी के दौर से लेकर भारत की आजादी तक के संघर्ष की कहानी को अलग-अलग दृश्यों के जरिए दिखाने की तैयारी है।
लाइट एंड साउंड से दिखेगी आजादी की कहानी
मंडप में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं और दर्शकों को लाइट एंड साउंड के जरिए स्वतंत्रता संग्राम की कहानी देखने और सुनने को मिलेगी। शाम के समय खास शो का आयोजन किया जाएगा। इसमें वंदे मातरम् की गूंज के साथ गुलामी के दौर में भारतीयों पर हुए अत्याचार और संघर्ष को दिखाया जाएगा।
दो महीने से चल रहा पंडाल बनाने का काम
संतोष मित्र स्क्वायर के इस भव्य पंडाल को तैयार करने का काम करीब दो महीने से चल रहा है। फिलहाल पंडाल का काम अंतिम चरण में है। हर साल की तरह इस बार भी यहां लाइटिंग और तकनीक का खास इस्तेमाल देखने को मिलेगा।
पहले भी खास थीम से सुर्खियों में रहा है पंडाल
संतोष मित्र स्क्वायर की पूजा अपने भव्य पंडाल और रोशनी के लिए जानी जाती है। पिछले वर्षों में यहां राम मंदिर और ऑपरेशन सिंदूर जैसे विषयों पर थीम तैयार की गई थी। शाम के समय लाइट एंड साउंड शो के जरिए इन थीम को दर्शकों के सामने पेश किया गया था।
अमित शाह के आने के भी संकेत
संतोष मित्र स्क्वायर की पूजा के उद्घाटन को लेकर भी हर साल खास चर्चा रहती है। पिछले वर्षों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूजा के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस बार भी उनके आने के संकेत पूजा आयोजक और बीजेपी विधायक सजल घोष ने दिए हैं। महालया के बाद पूजा का उद्घाटन किए जाने की बात कही गई है।
पूजा को लेकर पहले भी हुआ है राजनीतिक विवाद
संतोष मित्र स्क्वायर की दुर्गापूजा को लेकर पिछले वर्षों में राजनीतिक विवाद भी देखने को मिला है। दुर्गापूजा कार्निवल में इस पूजा के शामिल होने को लेकर भी विवाद हुआ था। इसके अलावा तत्कालीन तृणमूल सरकार के दौरान सजल घोष ने पूजा में पुलिस की ओर से बाधा दिए जाने के आरोप लगाए थे।
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद स्थिति बदलने का दावा
अब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसी किसी समस्या के नहीं होने का दावा सजल घोष ने किया है। साथ ही इस बार संतोष मित्र स्क्वायर की पूजा में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
कोलकाता के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी पूजा
वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के मौके पर इतिहास, देशभक्ति, लाइट एंड साउंड और आधुनिक तकनीक के मेल से तैयार हो रहा संतोष मित्र स्क्वायर का पूजा पंडाल इस बार कोलकाता की दुर्गापूजा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है।