कोलकाता: कोलकाता में 3 अक्टूबर को होने वाले बहुप्रतीक्षित भारत-ब्राजील फुटबॉल मुकाबले को लेकर उत्साह चरम पर है। इसी बीच 2006 FIFA विश्व कप में फ्रांस की ओर से खेलने वाले पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर विकाश धोरासू कोलकाता पहुंच गए हैं। उन्हें भारत-ब्राजील मुकाबले के लिए विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है।
युवा भारती क्रीड़ांगन का किया दौरा
कोलकाता पहुंचने के बाद विकाश धोरासू ने गुरुवार को युवा भारती क्रीड़ांगन का दौरा किया। इसी मैदान पर 3 अक्टूबर को भारत और ब्राजील की टीमें आमने-सामने होंगी। मैच को लेकर देशभर में फुटबॉल प्रशंसकों के बीच खासा उत्साह है।
फ्रांस के लिए खेल चुके हैं धोरासू
विकाश धोरासू मुख्य रूप से मिडफील्डर के तौर पर खेलते थे। उन्होंने 2001 से 2006 तक फ्रांस की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। 2006 FIFA विश्व कप में भी वह फ्रांस की टीम का हिस्सा थे, जहां फ्रांस उपविजेता रहा था। क्लब फुटबॉल में वह लियोन, ले हाव्र, बोर्डो, पेरिस सेंट-जर्मेन और एसी मिलान जैसे क्लबों के लिए खेल चुके हैं।
भारत से खास जुड़ाव का किया जिक्र
कोलकाता पहुंचने पर विकाश धोरासू ने भारत के साथ अपने जुड़ाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यहां आकर वह बेहद खुश हैं। AIFF के निमंत्रण पर भारत-ब्राजील मैच देखने आए धोरासू ने कहा कि भारत के साथ उनका विशेष संबंध है और यहां की भाषा, संगीत और सिनेमा उन्हें काफी पसंद है।
OCI खिलाड़ियों को लेकर सकारात्मक रुख
OCI खिलाड़ियों के भारतीय राष्ट्रीय टीम में खेलने की संभावनाओं को लेकर भी धोरासू ने सकारात्मक राय रखी। उन्होंने कहा कि फुटबॉल अब काफी ग्लोबल हो चुका है। अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों को नए अवसर मिल रहे हैं और इसका फायदा खिलाड़ियों के साथ-साथ देशों के फुटबॉल को भी मिल सकता है।
फ्रांस और भारत के फुटबॉल मॉडल पर बोले
फ्रांस और भारत के फुटबॉल के बीच अंतर पर विकाश धोरासू ने कहा कि दोनों देशों का फुटबॉल विकास का रास्ता अलग है। उनके मुताबिक फ्रांस में फुटबॉल के संचालन में केंद्रीय भूमिका दिखाई देती है, जबकि फ्रांसीसी खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता भी एक महत्वपूर्ण पहलू है।
भारतीय फुटबॉल के विकास में काम करना चाहते हैं
विकाश धोरासू ने भारतीय फुटबॉल के विकास में योगदान देने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि अगर वह भारतीय फुटबॉल के विकास में किसी तरह काम आ सके तो इसे वह सम्मान की बात मानेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय फुटबॉल भविष्य में सर्वोच्च स्तर तक पहुंचे।
AIFF के साथ बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने की इच्छा
पूर्व फ्रांसीसी स्टार ने भविष्य में कोचिंग से जुड़ने की इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने AIFF के साथ भारतीय फुटबॉल को लेकर किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने की इच्छा जताते हुए कहा कि भारत को लेकर उनके पास अलग योजना है और इस पर AIFF के साथ चर्चा की जा सकती है।
भारत-ब्राजील मैच को बताया बड़ा मौका
धोरासू के मुताबिक ब्राजील जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना भारतीय फुटबॉलरों के लिए बड़ा अंतरराष्ट्रीय अनुभव होगा। इस तरह के मुकाबलों से खिलाड़ियों को एक्सपोजर मिलने के साथ विश्व स्तर पर भारतीय फुटबॉल की पहचान को भी बढ़ावा मिल सकता है।
ग्रासरूट फुटबॉल पर दिया जोर
राष्ट्रीय टीम के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की तलाश और तैयारियों को लेकर भी धोरासू ने अधिक काम की जरूरत बताई। उन्होंने युवा फुटबॉलरों को ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान देने की सलाह दी। उनके मुताबिक ग्रासरूट और प्रोफेशनल स्तर के फुटबॉल में काफी अंतर है और खिलाड़ियों को कम उम्र से ही इस अंतर को समझकर खुद को तैयार करना चाहिए।
भारत से पारिवारिक जुड़ाव भी चर्चा में
भारत-ब्राजील मुकाबले से पहले कोलकाता में विकाश धोरासू की मौजूदगी ने भारतीय फुटबॉल के साथ उनके पारिवारिक और भावनात्मक जुड़ाव को भी सामने ला दिया है। भारत और ब्राजील के बीच होने वाले इस मुकाबले में उनकी मौजूदगी को खास तौर पर देखा जा रहा है।