कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में करीब 1 लाख सरकारी पदों पर सीधी भर्ती करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार को नबान्न में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार के मुताबिक, विभिन्न विभागों में खाली पदों और जरूरत के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी। भर्ती प्रक्रिया अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के बीच चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। कुल 54 सरकारी विभागों में रिक्तियों के आधार पर नियुक्तियां होने की बात कही गई है। इस फैसले के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी संख्या में अवसर खुलने की उम्मीद है। हालांकि, अलग-अलग पदों के लिए आवेदन की तारीख, योग्यता और चयन प्रक्रिया संबंधित भर्ती अधिसूचना के जरिए जारी की जाएगी।
पुलिस विभाग में 16 हजार पदों पर भर्ती
नई भर्ती प्रक्रिया में पुलिस विभाग को भी शामिल किया गया है। जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल पुलिस में करीब 12 हजार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अलावा कोलकाता पुलिस में करीब 4 हजार पद भरे जाने की बात कही गई है। यानी पुलिस विभाग में कुल करीब 16 हजार नियुक्तियां प्रस्तावित हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए पदवार योग्यता और चयन प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। उम्मीदवारों को आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन का इंतजार करना होगा। सरकार की ओर से भर्ती कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इससे पुलिस विभाग में लंबे समय से खाली चल रहे पदों को भरने की प्रक्रिया को भी गति मिलने की बात कही जा रही है।
शिक्षा विभाग में करीब 34 हजार नियुक्तियां
सरकारी भर्ती में सबसे बड़ा हिस्सा विद्यालय शिक्षा विभाग का बताया गया है। यहां करीब 34 हजार शिक्षक और शिक्षणकर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। राज्य सरकार के अनुसार, ये नियुक्तियां विभाग में मौजूद जरूरत और रिक्तियों के आधार पर की जाएंगी। शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह बड़ा भर्ती अभियान हो सकता है। हालांकि, किन पदों के लिए कितनी वैकेंसी होगी, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में सामने आएगी। आवेदन की तारीख, शैक्षणिक योग्यता, उम्र सीमा और चयन प्रक्रिया भी उसी के अनुसार तय होगी। उम्मीदवारों को संबंधित सरकारी भर्ती पोर्टल और विभागीय घोषणाओं पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
डॉ. बीआर आंबेडकर के नाम पर बनेगा नया विश्वविद्यालय
कैबिनेट बैठक में राज्य में डॉ. बीआर आंबेडकर के नाम पर नया विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। सरकार इस संबंध में आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक पेश करेगी। विधेयक पारित होने के बाद विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल विश्वविद्यालय कहां स्थापित किया जाएगा, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसके अलावा आधारभूत ढांचे और शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होने की तारीख को लेकर भी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। नए विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर बनने की संभावना है। सरकार की ओर से आगे की प्रक्रिया और आधिकारिक विवरण समय के साथ जारी किया जाएगा।
आयुर्वेद से होम्योपैथी तक के लिए बनेगा अलग आयुष विभाग
कैबिनेट ने राज्य में अलग आयुष विभाग गठित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस विभाग के अंतर्गत आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी चिकित्सा पद्धतियों को शामिल किया जाएगा। सरकार का कहना है कि अलग विभाग बनने से इन चिकित्सा प्रणालियों के लिए स्वतंत्र प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। इससे संबंधित योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को एक अलग व्यवस्था के तहत संचालित किया जा सकेगा। विभाग के गठन के बाद इसकी संरचना और जिम्मेदारियों को लेकर आगे की जानकारी सामने आएगी। फिलहाल कैबिनेट के फैसले के बाद इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राज्य में पारंपरिक और वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियों से जुड़े कामकाज को इसी विभाग के जरिए व्यवस्थित करने का प्रस्ताव है।