कोलकाता: पश्चिम बंगाल में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम पहल की है। नवान्न सभागार में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात की। इस दौरान राज्य में हवाई संपर्क के विस्तार और नए एयरपोर्ट विकसित करने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
‘उड़ान’ योजना के तहत समझौते पर हस्ताक्षर
कार्यक्रम के दौरान केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच ‘उड़ान’ योजना के तहत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के प्रतिनिधि, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह भी मौजूद रहे।

चार स्थानों पर एयरपोर्ट विकास की तैयारी
‘उड़ान’ योजना के तहत राज्य के चार महत्वपूर्ण स्थानों पर एयरपोर्ट के विकास की योजना है। इनमें पुरुलिया का छर्रा, पश्चिम मेदिनीपुर का कलाइकुंडा, दक्षिण दिनाजपुर का बालुरघाट और अलीपुरद्वार का हासीमारा शामिल हैं। इन परियोजनाओं के जरिए राज्य के विभिन्न हिस्सों को हवाई मार्ग से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से रोजगार और निवेश को मिलेगा अवसर
इन एयरपोर्ट परियोजनाओं के विकसित होने से पश्चिम बंगाल में हवाई आवागमन की सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने के साथ निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
बालुरघाट, अलीपुरद्वार और पुरुलिया जैसे क्षेत्रों में हवाई संपर्क बेहतर होने से पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिलने की संभावना है। राज्य के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से घरेलू और बाहरी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है।
बंगाल में मजबूत हो रहा हवाई संपर्क का नेटवर्क
राज्य में नए एयरपोर्ट विकसित करने की पहल को परिवहन और आधारभूत ढांचे के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। ‘उड़ान’ योजना के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं के जरिए पश्चिम बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों में तेज और बेहतर हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।