कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार की अन्नपूर्णा योजना को लेकर महिलाओं के बीच व्यापक उत्साह देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार का दावा है कि योजना के जरिए अब तक राज्य की 1.6 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। रविवार को प्रदेशभर में आयोजित सेवा सेतु शिविरों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पहुंचकर योजना के लिए सरकार के प्रति आभार जताया।
सत्ता संभालने के बाद जल्द शुरू हुई योजना
पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने सत्ता संभालने के एक सप्ताह के भीतर ही अन्नपूर्णा योजना लागू करने का फैसला किया था। सरकार के मुताबिक, कुछ महीने पहले किए गए इस वादे को अब बड़े स्तर पर लागू किया जा चुका है। योजना को महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
सेवा सेतु शिविरों में महिलाओं ने जताया भरोसा
4 अक्टूबर को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सेवा सेतु शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में महिलाओं ने हिस्सा लेकर अन्नपूर्णा योजना से मिलने वाले लाभ और सरकार की पहल के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। सरकार की ओर से कहा गया कि महिलाओं का विश्वास और उनका समर्थन ही इस योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
1.6 करोड़ से ज्यादा महिलाएं योजना से जुड़ीं
सरकार के अनुसार, अन्नपूर्णा योजना के तहत अब तक 1.6 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को सशक्त किया जा चुका है। वहीं, जिन महिलाओं का सत्यापन अभी पूरा नहीं हुआ है, उन्हें भी प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना से जोड़ने की तैयारी है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में नए लाभार्थियों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।
महिलाओं को मिलेगा योजना चुनने का अधिकार
अन्नपूर्णा योजना में महिलाओं के लिए विकल्प का भी प्रावधान किया गया है। पात्र महिलाएं विधवा पेंशन और अन्नपूर्णा योजना में से किसी एक का चयन कर सकती हैं। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं को अपनी जरूरत के अनुसार योजना चुनने का अधिकार देना है।
विकसित भारत 2047 के विजन से जोड़ा गया अभियान
सरकार ने अन्नपूर्णा योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से भी जोड़ा है। सरकार का कहना है कि देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी निर्णायक है और महिला सशक्तिकरण को मजबूत किए बिना विकास की व्यापक तस्वीर पूरी नहीं हो सकती।
17 सितंबर से शुरू हुआ सेवा संकल्प अभियान
इस वर्ष का सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू किया गया था। अभियान के जरिए सेवा, संवेदना और समावेशी विकास का संदेश देने की बात कही गई। इसी अभियान के दौरान पहले अन्नपूर्णा दिवस को भी जोड़ा गया, ताकि महिलाओं तक सरकारी सहायता और सेवा का संदेश पहुंचाया जा सके।
'महिलाएं सशक्त होंगी तो पूरा बंगाल आगे बढ़ेगा'
सरकार का कहना है कि किसी महिला के आत्मनिर्भर होने का असर केवल उस तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है। इसी सोच के साथ अन्नपूर्णा योजना को पश्चिम बंगाल की महिलाओं को सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने वाली पहल के तौर पर पेश किया जा रहा है।
सरकार के मुताबिक, जब बड़ी संख्या में महिलाएं आत्मविश्वास और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ेंगी तो इसका सीधा असर राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास पर भी दिखाई देगा। अन्नपूर्णा योजना को इसी व्यापक महिला सशक्तिकरण अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।