कोलकाता: पश्चिम बंगाल के ‘पश्चिम बंगाल आवास’ योजना के लाभार्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार अब घर बनाने की मजदूरी के रूप में प्रत्येक लाभार्थी को करीब 27 हजार रुपये देने की तैयारी कर रही है। यह राशि ‘125 दिनों के काम’ या ‘वीबी जी रामजी’ योजना के तहत मजदूरी के रूप में दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी राज्य के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार की कोशिश है कि दुर्गापूजा से पहले करीब 18 लाख 65 हजार लाभार्थियों के बैंक खातों में मजदूरी की राशि भेजने का काम शुरू किया जाए।
दुर्गापूजा से पहले खाते में पहुंचेगी राशि
राज्य सरकार की ओर से लाभार्थियों को मजदूरी की राशि देने की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, करीब 18 लाख 65 हजार लाभार्थियों को इसका फायदा मिलेगा। सरकार की कोशिश है कि दुर्गापूजा से पहले लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि भेजने का काम शुरू हो जाए। इस संबंध में पंचायत विभाग में समीक्षा बैठक भी हुई है। शुक्रवार को मृत्तिका भवन में पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने विभिन्न योजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आवास योजना के लाभार्थियों को मजदूरी की राशि देने पर भी चर्चा हुई। हालांकि, राशि चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी और पूरी रकम एक साथ खाते में नहीं भेजी जाएगी।
90 दिनों की मजदूरी, मिलेंगे करीब 27 हजार रुपये
‘पश्चिम बंगाल आवास’ योजना के प्रत्येक पात्र लाभार्थी को घर निर्माण के लिए 90 दिनों की मजदूरी का लाभ मिलेगा। वहीं, दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लाभार्थियों को 95 दिनों की मजदूरी दिए जाने का प्रावधान है। मौजूदा दर के अनुसार एक दिन की मजदूरी 300 रुपये निर्धारित है। ऐसे में 90 दिनों की मजदूरी के हिसाब से एक लाभार्थी को करीब 27 हजार रुपये मिलेंगे। दुर्गम क्षेत्रों में यह राशि 95 दिनों के हिसाब से अधिक हो सकती है। सरकार यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने की तैयारी कर रही है। हालांकि, भुगतान एकमुश्त नहीं बल्कि नियम के अनुसार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
मनरेगा कार्ड और आधार लिंक होना जरूरी
मजदूरी की राशि पाने के लिए लाभार्थियों को कुछ जरूरी सरकारी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इसके लिए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड होना अनिवार्य बताया गया है। साथ ही लाभार्थी का आधार कार्ड भी संबंधित व्यवस्था से लिंक होना जरूरी होगा। सरकार की ओर से इन प्रक्रियाओं को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से भी इस प्रक्रिया में सहयोग का आश्वासन दिया गया है। पात्र लाभार्थियों की जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन भी महत्वपूर्ण होगा। इन औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद ही मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।
‘पश्चिम बंगाल आवास’ योजना का बदला नाम
पश्चिम बंगाल में आवास योजना को लेकर पिछले कुछ वर्षों में कई बदलाव हुए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में नई लाभार्थी सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी चल रही है। वहीं, केंद्र से फंड को लेकर विवाद के दौरान राज्य सरकार ने अपनी आवास योजना शुरू की थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में शुरू की गई इस राज्य योजना का नाम बाद में बदलकर ‘पश्चिम बंगाल आवास’ रखा गया। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में राज्य के फंड से घर बनाए जाने का प्रावधान किया गया। अब इसी योजना के लाभार्थियों को घर निर्माण की मजदूरी देने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य पात्र परिवारों तक आवास से जुड़ी आर्थिक सहायता पहुंचाना है।
18.65 लाख लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
जानकारी के मुताबिक, ‘पश्चिम बंगाल आवास’ योजना के करीब 18 लाख 65 हजार लाभार्थियों को इस फैसले का लाभ मिल सकता है। सत्ता परिवर्तन के बाद इन लाभार्थियों को योजना की दूसरी किस्त की राशि दिए जाने की बात सामने आई थी। अब सरकार इन लाभार्थियों को मजदूरी की राशि भी उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जिन लाभार्थियों के पास ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड और आधार लिंकिंग जैसी आवश्यकताएं पूरी होंगी, उन्हें भुगतान की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि भुगतान की प्रक्रिया में किसी तरह की तकनीकी समस्या न आए। दुर्गापूजा से पहले भुगतान शुरू करने को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारी की जा रही है।