कोलकाता: पूजा से पहले संगठन को मजबूत करने और कॉलेजों में पढ़ाई का बेहतर माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से मंगलवार को राज्य बीजेपी की संगठनात्मक बैठक हुई। बैठक में राज्य बीजेपी के प्रभारी सुनील बंसल और प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न जिलों के अध्यक्ष, विधायक और मंत्री भी बैठक में शामिल हुए।
कॉलेजों की संचालन समितियों के अध्यक्ष भी बैठक में शामिल
बैठक में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की संचालन समितियों यानी गवर्निंग बॉडी के नवनियुक्त अध्यक्ष भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में इन अध्यक्षों को उनकी जिम्मेदारियों और अधिकारों को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही कॉलेजों की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की जा रही है।
संचालन समिति अध्यक्षों के लिए तय किए गए दिशा-निर्देश
संचालन समिति के अध्यक्ष कॉलेज प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। नए अध्यक्षों को सरकारी आदेशों और संबंधित नियम-कानूनों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें कॉलेज का वार्षिक बजट तैयार करने के साथ सरकारी निर्देशों के अनुसार खर्च सुनिश्चित करना होगा।
समय पर ऑडिट रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य
सूत्रों के मुताबिक, नए अध्यक्षों को समय पर वार्षिक रिपोर्ट और ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। ब्लैंक चेक के इस्तेमाल और व्यक्तिगत लाभ के लिए कॉलेज के फंड का उपयोग करने पर रोक रहेगी। वित्तीय अनियमितता से जुड़ी किसी शिकायत की स्थिति में अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकेंगे।
हॉस्टल और मेस का नियमित निरीक्षण करना होगा
दिशा-निर्देशों में कॉलेज के हॉस्टल और मेस के नियमित निरीक्षण पर भी जोर दिया गया है। अध्यक्षों को वहां छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। इसके साथ ही छात्रों को खेल और एनसीसी जैसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी भी होगी। एकतरफा फैसले लेने और पद के दुरुपयोग से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
लॉकेट चटर्जी बोलीं- कॉलेजों में राजनीति नहीं होनी चाहिए
बैठक के दौरान बीजेपी नेता लॉकेट चटर्जी ने कॉलेजों में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए और वहां राजनीति की नकारात्मकता को जगह नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार पर भी रोक लगाने की बात कही। लॉकेट चटर्जी ने कहा कि स्कूल और कॉलेजों में किसी भी तरह की राजनीति प्रवेश न कर सके, इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी, ताकि छात्र अपने भविष्य पर ध्यान दे सकें।