कोलकाता: पश्चिम बंगाल में उपचुनाव के बीच भाजपा ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देवजीत सरकार ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले और मतदान के दिन भड़काऊ, असत्य और विभाजनकारी बयानों के जरिए चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर मतदाताओं की सुरक्षा और मतदान के अधिकार को सुनिश्चित करने की मांग की।
विपक्ष के बयानों पर बीजेपी का पलटवार
पश्चिम बंगाल भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देवजीत सरकार ने चुनाव के दौरान विपक्षी दलों की ओर से दिए जा रहे कथित उकसावे वाले बयानों और विभिन्न इलाकों में सामने आ रही अशांति की घटनाओं को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले और मतदान के दिन कथित तौर पर असत्य, भड़काऊ और विभाजनकारी बयान देकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
‘70-30’ और बाबरी ढांचे के बयान का किया जिक्र
देवजीत सरकार ने ‘70-30’ के कथित बयान, बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण की बात और मुख्यमंत्री की मृत्यु की कामना से जुड़े बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा इसे अलग-अलग घटनाओं के तौर पर नहीं देखती। उनके मुताबिक, इन बयानों में एक राजनीतिक पैटर्न नजर आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संभावित चुनावी हार से पहले माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है, ताकि बाद में गिरफ्तारी या राजनीतिक प्रतिशोध जैसे आरोप लगाए जा सकें।
कांग्रेस के पुनर्निर्वाचन की मांग पर सवाल
कांग्रेस की ओर से चुनाव दोबारा कराने की मांग और धरना-प्रदर्शन को लेकर भी भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाए। देवजीत सरकार ने कहा कि अगर कांग्रेस को चुनावी प्रक्रिया पर आपत्ति थी, तो वह मतदान से पहले ही अपनी मांग उठा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि परिणाम आने से पहले ही चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करना विपक्ष की राजनीतिक मंशा को दर्शाता है।
‘पश्चिम बंगाल में हिंसक चुनावी संस्कृति को बढ़ावा दिया गया’
उपचुनाव के दौरान अलग-अलग इलाकों में तनाव और अशांति के आरोपों पर देवजीत सरकार ने कहा कि विपक्षी दलों की ओर से माहौल को गर्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से हिंसा को चुनावी राजनीति का हिस्सा बनाने की कोशिश होती रही है। भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और हिंसामुक्त चुनाव की पक्षधर है।
नंदीग्राम में लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
नंदीग्राम में सड़क जाम, प्रदर्शन और अल्पसंख्यक महिलाओं को मतदान से रोकने के आरोपों पर भी भाजपा ने प्रतिक्रिया दी। देवजीत सरकार ने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के पास ऐसी घटनाओं से जुड़े तथ्य और सबूत हैं, तो उन्हें चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
‘मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना आयोग की जिम्मेदारी’
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आने वाले समय में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने आयोग से किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना मतदाताओं की सुरक्षा और उनके मतदान के अधिकार को सुनिश्चित करने की अपील की।
कांग्रेस नेता मिलन प्रधान के विरोध पर भी बयान
कांग्रेस नेता मिलन प्रधान के इलाके के दौरे के दौरान कथित तौर पर विरोध और घेराव की घटना पर देवजीत सरकार ने इसे जनता के आक्रोश का परिणाम बताया। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय से आम लोगों में जमा नाराजगी अलग-अलग घटनाओं के जरिए सामने आ रही है।
नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी की जीत को लेकर बड़ा दावा
नंदीग्राम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की जीत को लेकर विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों पर भी भाजपा प्रवक्ता ने पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग उनकी जीत पर सवाल उठा रहे हैं, वे खुद चुनाव मैदान में उतरकर जीत क्यों नहीं हासिल कर पाए। देवजीत सरकार ने दावा किया कि चुनाव परिणाम सामने आने के बाद विपक्ष की राजनीतिक स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी और कई विपक्षी उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो सकती है।
‘लोग हिंसा और डर की राजनीति नहीं चाहते’
भाजपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब हिंसा, भय, विभाजन और राजनीतिक टकराव की राजनीति से बाहर निकलना चाहती है। पार्टी के मुताबिक, मतदाता शांतिपूर्ण माहौल में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना चाहते हैं। देवजीत सरकार ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के पक्ष में है और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास का राजनीतिक एवं संवैधानिक तरीके से विरोध करेगी।