कोलकाता: दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। 7 अक्टूबर को विभाग के प्रधान सचिव द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, त्योहारों और पूजा की छुट्टियों के दौरान स्कूल, कॉलेज या दफ्तर बंद रहने के बावजूद डेंगू नियंत्रण का काम किसी भी हाल में बंद नहीं किया जाएगा। कोलकाता नगर निगम (KMC), सभी जिलों के जिलाधिकारियों, नगरपालिकाओं, पंचायतों, सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMOH) को आपसी तालमेल बनाकर काम करने का आदेश दिया गया है।
बंद परिसरों और खाली पड़े मकानों में चलेगा विशेष अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने माना है कि पूजा के दौरान पंडालों के निर्माण, अस्थायी संरचनाओं, भीड़भाड़ और जगह-जगह पानी जमा होने से डेंगू का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में छुट्टियों के दौरान बंद पड़े स्कूल, कॉलेज, सरकारी व निजी दफ्तरों और खाली मकानों पर विशेष नजर रखी जाएगी। इन स्थानों पर विशेष टीमें अभियान चलाकर जमा पानी और मच्छर के लार्वा के स्रोतों को चिन्हित कर उन्हें नष्ट करने की कार्रवाई करेंगी।
डोर-टू-डोर निगरानी और 24 घंटे चालू रहेंगे कंट्रोल रूम
अधिसूचना के अनुसार, अत्यधिक जोखिम वाले (हाइ-रिस्क) वार्डों और गांवों में घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही रैपिड रिस्पॉन्स टीमों (RRT) को छुट्टियों के दिनों में भी सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। होम आइसोलेशन में रहने वाले डेंगू मरीजों को रोजाना फोन कर उनके स्वास्थ्य का हाल लिया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित करने के आदेश दिए गए हैं।
अस्पतालों को सख्त निर्देश: मरीज को भर्ती करने से नहीं कर सकते इनकार
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अस्पताल डेंगू मरीज को भर्ती करने से इनकार नहीं कर सकता। सभी अस्पतालों को NS1 और IgM टेस्ट किट, पर्याप्त बेड, मच्छरदानी, आईवी फ्लुइड (IV Fluid) और जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, रोजाना मरीजों की सूची अपडेट कर नए 'हॉटस्पॉट' क्षेत्रों की पहचान की जाएगी और पूजा पंडालों व सार्वजनिक स्थलों पर डेंगू जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
मुख्य बातें
- छुट्टियों में काम जारी: दुर्गा पूजा की छुट्टियों में स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद रहने पर भी डेंगू रोधी अभियान जारी रहेगा।
- बंद जगहों की जांच: बंद परिसरों, निर्माणाधीन स्थलों और पूजा पंडालों के आसपास जमा पानी और लार्वा नष्ट करने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।
- 24/7 कंट्रोल रूम: जिला स्तर पर 24 घंटे एक्टिव रहने वाले कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे ताकि मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके।
- घर-घर निगरानी: संवेदनशील वार्डों और गांवों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम द्वारा घर-घर जाकर बुखार के मामलों की जांच होगी।
- अस्पतालों के लिए अनिवार्य नियम: डेंगू मरीज को भर्ती करने से मना करने पर पाबंदी होगी; पर्याप्त बेड, दवाइयां और टेस्ट किट का स्टॉक अनिवार्य किया गया है।
- होम आइसोलेशन फॉलो-अप: घर पर इलाज करा रहे डेंगू पीड़ितों को रोजाना फोन करके स्वास्थ्य अपडेट लिया जाएगा।