कोलकाता : पश्चिम बंगाल में ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों के लिए पक्का मकान बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। आगामी दुर्गा पूजा उत्सव समाप्त होते ही चालू वित्तीय वर्ष के भीतर राज्य के 30 लाख पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पहली किस्त के रूप में 60,000 रुपये की राशि जारी की जाएगी। पंचायत विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार के पक्षपात अथवा भ्रष्टाचार को रोकने के लिए पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने जिलों का दौरा कर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें की हैं।
तीन चरणों में जांच: 55 लाख आवेदनों की गहन स्क्रूटनी
आवास योजना की लाभार्थी सूची तैयार करने के लिए तीन स्तरों पर सख्त सत्यापन प्रक्रिया चलाई गई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, योजना के तहत कुल 54.59 लाख (लगभग 55 लाख) आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 44.5 लाख आवेदन घर-घर जाकर किए गए प्राथमिक सर्वेक्षण से और लगभग 10 लाख आवेदन ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुए थे।धांधली रोकने के लिए बीडीओ (BDO) कार्यालयों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। प्राथमिक सूची बनने के बाद बीडीओ स्तर पर 10 प्रतिशत आवेदनों की पुन: जांच की जा रही है, जबकि अंतिम सूची जारी होने से पहले कम से कम 5 प्रतिशत मामलों की रैंडम चेकिंग खुद बीडीओ करेंगे। इसके अलावा, जिला स्तर पर भी 2 से 3 प्रतिशत आवेदनों का क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा।
मकान निर्माण के लिए 1.30 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद
योजना के नियमों के अनुसार, मैदानी इलाकों के लाभार्थियों को पक्का मकान बनाने के लिए कुल 1 लाख 20 हजार रुपये दिए जाएंगे, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों के लिए यह सहायता राशि 1 लाख 30 हजार रुपये होगी। इसके अतिरिक्त, मकान में स्वच्छ शौचालय के निर्माण के लिए अलग से 12,000 रुपये दिए जाएंगे।नियमों के तहत निर्मित पक्के मकान का न्यूनतम क्षेत्रफल 25 वर्ग मीटर होना अनिवार्य है, जिसमें खाना पकाने के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित रसोई घर की व्यवस्था भी शामिल होगी।
बैंक खाते से आधार लिंक होना अनिवार्य, काम की प्रगति के बाद मिलेगी दूसरी किस्त
पारदर्शिता बनाए रखने और बिचौलियों को पूरी तरह दूर रखने के लिए किस्तों का भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में (DBT के माध्यम से) किया जाएगा। इसके लिए लाभार्थियों के बैंक खातों का आधार सत्यापन अनिवार्य किया गया है।उत्सव के बाद पहली किस्त के रूप में 60,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद जब लाभार्थी निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट और खर्च का विवरण प्रस्तुत करेंगे, तो भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के बाद दूसरी किस्त की राशि सीधे उनके खातों में भेज दी जाएगी।
पारदर्शिता के लिए सरकार ने जारी किया ईमेल एड्रेस
किसी भी योग्य आवेदक का नाम छूटने या अयोग्य व्यक्ति का नाम जुड़ने की शिकायतों को दर्ज करने के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष ईमेल एड्रेस भी जारी किया है। पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने स्पष्ट किया है कि यदि सूची में किसी अयोग्य व्यक्ति का नाम पाया जाता है, तो इसकी सीधी जवाबदेही संबंधित ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) की होगी।