कोलकाता: शहरी स्थानीय निकायों में चल रहे सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की निगरानी अब डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल तैयार किया गया है। इसमें सड़क के काम की शुरुआत से पहले, काम के दौरान और काम पूरा होने के बाद की जियो-टैग्ड तस्वीरें अपलोड की जाएंगी। केंद्रीय डैशबोर्ड के जरिए अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता पर नजर रख सकेंगे।
सड़क मरम्मत की होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों (ULB) में चल रहे सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की निगरानी के लिए मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल तैयार किया गया है। इस डिजिटल सिस्टम के जरिए सड़क से जुड़े प्रत्येक कार्य की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इससे अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर चल रहे कार्यों की स्थिति जानने के लिए मौके पर जाने की आवश्यकता कम होगी और वे डिजिटल माध्यम से भी प्रगति की निगरानी कर सकेंगे।
तीन चरणों में अपलोड होंगी सड़क की तस्वीरें
सड़क मरम्मत कार्य की वास्तविक स्थिति को रिकॉर्ड करने के लिए तीन चरणों में तस्वीरें अपलोड की जाएंगी। पहली तस्वीर सड़क की मरम्मत शुरू होने से पहले की होगी। दूसरी तस्वीर काम के दौरान की और तीसरी तस्वीर काम पूरा होने के बाद की होगी। इन तस्वीरों के जरिए किसी सड़क पर हुए बदलाव और कार्य की प्रगति को चरणबद्ध तरीके से देखा जा सकेगा।
GPS से दर्ज होगी सड़क की सटीक लोकेशन
मोबाइल ऐप में GPS आधारित लोकेशन की सुविधा होगी। इससे सड़क मरम्मत के प्रत्येक कार्य की सटीक स्थिति दर्ज की जा सकेगी। साथ ही जियो-टैग्ड तस्वीरों के जरिए यह भी पता लगाया जा सकेगा कि संबंधित तस्वीर किस स्थान पर और किस कार्य से जुड़ी है।
सड़क से जुड़ी पूरी जानकारी एक जगह
डिजिटल सिस्टम में सड़क का नाम, स्थान, लंबाई, चौड़ाई, मरम्मत का प्रकार, संबंधित एजेंसी या ठेकेदार और कार्य का विवरण दर्ज किया जाएगा। इससे किसी भी सड़क परियोजना से जुड़ी जरूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी।
काम की स्थिति भी ऑनलाइन होगी ट्रैक
सड़क परियोजनाओं की स्थिति को अलग-अलग चरणों में अपडेट किया जा सकेगा। इसमें प्रस्तावित, शुरू, प्रगति पर, पूर्ण और सत्यापित जैसी स्थिति शामिल होगी। इससे अधिकारियों को यह पता लगाने में आसानी होगी कि कौन सा काम किस चरण में है और कौन से कार्य पूरे हो चुके हैं।
अधिकारी मौके पर जाकर दर्ज कर सकेंगे निरीक्षण
सिस्टम में फील्ड इंस्पेक्शन मॉड्यूल भी शामिल किया गया है। इसके जरिए अधिकारी मौके पर जाकर सड़क निर्माण या मरम्मत कार्य का निरीक्षण कर सकेंगे और अपनी टिप्पणियां दर्ज कर पाएंगे। काम में किसी तरह की कमी मिलने पर उसे डिजिटल रूप से रिकॉर्ड किया जा सकेगा।
खराब काम और गड्ढों की भी होगी रिपोर्टिंग
सड़क कार्य में खराब गुणवत्ता, अधूरा निर्माण, गड्ढे या अन्य किसी तरह की खामी मिलने पर उसकी रिपोर्ट तैयार की जा सकेगी। इससे संबंधित अधिकारी, इंजीनियर या ठेकेदार तक समस्या की जानकारी पहुंचाने और उसके समाधान की निगरानी में मदद मिलेगी।
केंद्रीय वेब डैशबोर्ड से होगी पूरी निगरानी
सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़ी सभी गतिविधियों को एक केंद्रीय वेब डैशबोर्ड पर देखा जा सकेगा। प्रबंधन स्तर पर अधिकारी एक ही स्थान से विभिन्न इलाकों में चल रहे और पूरे हो चुके सड़क कार्यों की स्थिति की समीक्षा कर सकेंगे। पश्चिम बंगाल में विभिन्न सरकारी परियोजनाओं की प्रगति को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मॉनिटर करने की व्यवस्था पहले से लागू है।
MIS रिपोर्ट से मिलेगी विस्तृत जानकारी
पोर्टल के जरिए सड़क, क्षेत्र, ठेकेदार और तारीख के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा सकेगी। इससे अधिकारियों को किसी विशेष क्षेत्र या एजेंसी से जुड़े कार्यों की प्रगति का विश्लेषण करने में सुविधा होगी। रियल टाइम डैशबोर्ड के जरिए प्रबंधन को सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की समग्र तस्वीर मिल सकेगी।
डिजिटल रिकॉर्ड से सुरक्षित रहेगा काम का पूरा इतिहास
इस व्यवस्था के जरिए प्रत्येक सड़क कार्य का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इसमें कार्य की शुरुआत से लेकर पूरा होने तक की तस्वीरें, निरीक्षण विवरण, प्रगति और अन्य जरूरी जानकारी सुरक्षित रखी जा सकेगी। इससे भविष्य में किसी सड़क के कार्य से संबंधित जानकारी की जरूरत पड़ने पर डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए उसका विवरण आसानी से हासिल किया जा सकेगा।