कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के सत्ता में आने के पांच महीने के भीतर पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा की गई है। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर कोलकाता में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में राज्य के पर्यटन क्षेत्र में करीब 12,534 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया गया। इस निवेश से करीब 22 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।
पर्यटन निवेश को बढ़ावा देने पर जोर
इन्वेस्टर्स समिट में राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष, वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता और सूचना एवं संस्कृति राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती मौजूद रहे। कार्यक्रम में विभिन्न निवेशकों से राज्य के पर्यटन उद्योग में निवेश करने की अपील की गई। साथ ही पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी कई नई योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
स्वदेश दर्शन योजना के तहत ₹57 करोड़ की परियोजना
पर्यटन मंत्री ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत आध्यात्मिक और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए केंद्र से 57 करोड़ रुपये की परियोजना मिली है। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और मिरिक के साथ सुंदरबन को लेकर ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ पहल को आगे बढ़ाने की योजना है।
800 नए सरकारी पर्यटन आवास बनाने की तैयारी
पर्यटकों के ठहरने की सुविधा बढ़ाने के लिए राज्य में करीब 800 नए सरकारी पर्यटन आवास बनाने की योजना है। इसके साथ ही पहले से मौजूद पर्यटन आवासों के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण पर भी काम किया जाएगा।
हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फेरी से बढ़ेगा जल पर्यटन
राज्य में जल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 100 यात्रियों की क्षमता वाली हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फेरी शुरू करने की तैयारी है। पर्यटन मंत्री के मुताबिक, इसको लेकर GRSE के साथ जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके अलावा कोलकाता, बैरकपुर, चंदननगर, हुगली, अंबिका कालना, नदिया और बरानगर समेत कई स्थानों पर नए जेटी बनाने की योजना है।
पर्यटन में साहित्य और इतिहास पर भी फोकस
पश्चिम बंगाल के पर्यटन को नई पहचान देने के लिए साहित्य, इतिहास और स्थानीय संस्कृति को भी पर्यटन से जोड़ने की योजना है। स्थानीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए विशेष पहल की जाएगी।
हर जिले में विशेष उत्सव कराने की योजना
अगले 12 महीनों में राज्य के हर जिले में कम से कम एक विशेष उत्सव आयोजित करने की योजना है। बड़े आयोजनों के साथ स्थानीय मेलों और पारंपरिक उत्सवों को भी पर्यटन से जोड़ा जाएगा। पौष मेला और रास मेला जैसे आयोजनों के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया जाएगा।
108 धार्मिक सर्किट का प्रस्ताव
राज्य में 108 धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने के प्रस्ताव पर DPR तैयार करने का काम चल रहा है। वहीं विष्णुपुर को ‘टेंपल टाउन’ के रूप में विकसित करने के लिए IIT खड़गपुर की मदद से विस्तृत DPR तैयार की जा रही है। इसके अलावा रोपवे, आदिवासी पर्यटन, हेरिटेज टूरिज्म और होमस्टे पर्यटन को लेकर भी कई योजनाएं प्रस्तावित हैं।
होमस्टे और इंडस्ट्रियल पॉलिसी से निवेश का माहौल आसान करने की कोशिश
पर्यटन मंत्री ने कहा कि नए पर्यटन प्रोजेक्ट के साथ होमस्टे टूरिज्म पॉलिसी और इंडस्ट्रियल पॉलिसी के जरिए निवेश का माहौल आसान करने की कोशिश की जा रही है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नए पर्यटन केंद्र, इको-पार्क, नदी पर्यटन और हेरिटेज प्रोजेक्ट विकसित करने पर भी काम जारी है।
पर्यटन बजट के इस्तेमाल को लेकर पिछली सरकार पर सवाल
पर्यटन मंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में पर्यटन विभाग के लिए आवंटित राशि का करीब 20 प्रतिशत तक इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार पर्यटन क्षेत्र के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए नई योजनाओं पर काम करेगी और नए उद्यमियों को पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जाएगा।