कोलकाता: दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच पश्चिम बंगाल में बारिश का दौर अभी पूरी तरह थमा नहीं है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखा जा रहा है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 25 सितंबर को दक्षिण बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 26 सितंबर से बारिश की तीव्रता में कमी आने के संकेत हैं। बीते दिनों सक्रिय रहा गहरा दबाव अब तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के ऊपर से आगे बढ़ चुका है और धीरे-धीरे कमजोर होने की प्रक्रिया में है। IMD के समुद्री बुलेटिन के मुताबिक 24 सितंबर की शाम यह प्रणाली दक्षिण ओडिशा और उससे सटे उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर केंद्रित थी और इसके धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान था।
कोलकाता में बारिश और गरज-चमक का दौर
महानगर में बादल छाए रहने के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। IMD के कोलकाता-अलीपुर पूर्वानुमान के अनुसार, 25 सितंबर को एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। साथ ही 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। 24 सितंबर को अलीपुर में 80 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। उस दिन अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.7 डिग्री सेल्सियस रहा। लगातार बारिश की वजह से शहर के निचले इलाकों, अंडरपास और कुछ सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। हालिया मौसम चेतावनी में भी IMD ने कोलकाता समेत कई हिस्सों में जलभराव, यातायात बाधित होने और कम दृश्यता जैसी स्थितियों के प्रति सावधान किया था।
दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
दक्षिण बंगाल में 25 सितंबर को बारिश का असर बना रहने वाला है। IMD के उप-विभागीय पूर्वानुमान में गंगीय पश्चिम बंगाल के लिए शुक्रवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद 26 सितंबर से इस क्षेत्र के लिए कोई भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। हालिया पूर्वानुमानों में पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। वहीं कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, बांकुड़ा, पुरुलिया, पश्चिम बर्दवान और बीरभूम समेत कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान लगाया गया था। तटीय इलाकों में तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है। इसलिए समुद्र और नदी से जुड़े इलाकों में स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
उत्तर बंगाल में भी बारिश, पहाड़ी इलाकों में सतर्कता
उत्तर बंगाल के उप-हिमालयी जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान दर्ज किया गया है, जबकि कलिम्पोंग और कूचबिहार में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश की स्थिति में संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जैसे पहाड़ी जिलों में यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है।
कब मिलेगी बारिश से राहत?
इस समय सबसे अहम सवाल यही है कि बंगाल में मौसम कब साफ होगा। IMD के 25 सितंबर के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, गंगीय पश्चिम बंगाल में 25 सितंबर के बाद भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 26 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 27 सितंबर से वहां भी कोई चेतावनी जारी नहीं है। कोलकाता के लिए भी 26 सितंबर से भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में 26 और 27 सितंबर को मुख्य रूप से बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश की संभावना बताई गई है। इसलिए 26 सितंबर से बारिश में स्पष्ट कमी आने और 27 सितंबर के आसपास मौसम के अपेक्षाकृत सामान्य होने के संकेत हैं, हालांकि इसका अर्थ पूरे राज्य में तुरंत पूरी तरह धूप निकलना नहीं है।