कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच मौसम को लेकर लोगों की निगाहें अलीपुर मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर टिकी हैं। पंडाल घूमने, पूजा-अर्चना और त्योहार के दौरान बाहर निकलने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत की बात यह है कि फिलहाल भारी बारिश को लेकर कोई बड़ा अलर्ट सामने नहीं आया है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसम तंत्र के प्रभाव से कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम संबंधी ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में बीच-बीच में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। ऐसे में पूजा के शुरुआती दिनों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। हालांकि, बारिश की तीव्रता और इसका दायरा मौसम तंत्र की दिशा और हवा में होने वाले बदलावों पर निर्भर करेगा।
कोलकाता में कैसा रहेगा मौसम?
कोलकाता में 11 से 13 अक्टूबर तक बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है। इसके बाद 14 अक्टूबर से कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। 15 से 17 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। 18 और 19 अक्टूबर को भी शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। फिलहाल भारी बारिश की आशंका कम बताई गई है।
दक्षिण बंगाल के किन जिलों में हो सकती है बारिश?
दक्षिण बंगाल में कोलकाता के अलावा उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में पूजा के शुरुआती दिनों में बारिश की संभावना है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दक्षिण बंगाल के अन्य जिलों में भी छिटपुट बारिश से इनकार नहीं किया जा सकता।
18 और 19 अक्टूबर को दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में हल्की बारिश और बिजली चमकने की संभावना बनी रह सकती है। वहीं, 20 से 22 अक्टूबर के दौरान मौसम के अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव संभव है।
उत्तर बंगाल में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर बंगाल में महालया के आसपास कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई थी। इसके बाद मौसम में सुधार होने का अनुमान है। पूजा के शुरुआती दिनों में उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि बाद के दिनों में मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। जिलेवार स्थिति के अनुसार बारिश की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव का कितना होगा असर?
मौसम में बदलाव की एक प्रमुख वजह बंगाल की खाड़ी और उससे सटे क्षेत्रों में विकसित हो रहा मौसमी सिस्टम है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में बना चक्रवाती परिसंचरण आगे बढ़कर अंडमान सागर के आसपास पहुंच सकता है। इसके बाद निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
इस सिस्टम की आगे की दिशा और ताकत से यह तय होगा कि पश्चिम बंगाल में बारिश कितनी होगी। शुरुआती संकेतों के मुताबिक, इसके सीधे बंगाल की ओर बढ़ने की संभावना कम है। हालांकि, इसके प्रभाव से दक्षिण बंगाल के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। इसलिए आने वाले दिनों में मौसम विभाग के नए बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी होगा।
क्या बारिश से दुर्गा पूजा का उत्साह होगा प्रभावित?
मौजूदा पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि पूजा के दौरान कुछ दिनों तक बारिश लोगों की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है, लेकिन फिलहाल भारी बारिश से व्यापक परेशानी की आशंका कम है। पंडाल घूमने निकलने वाले लोगों को मौसम का ताजा अपडेट देखते रहने और जरूरत पड़ने पर छाता या रेनकोट साथ रखने की सलाह दी जाती है।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की उम्मीद नहीं है। कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि भारी बारिश को लेकर फिलहाल कोई बड़ा संकेत नहीं मिला है। मौसम विभाग के आगामी अपडेट के साथ इस पूर्वानुमान में बदलाव हो सकता है।