कोलकाता: दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच पश्चिम बंगाल में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। महालया से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को कोलकाता समेत दक्षिण और उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम के इस बदलाव ने पूजा आयोजकों, कुमारटोली के मूर्तिकारों और अंतिम समय में खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र, अलीपुर के अनुसार, 9 अक्टूबर को गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। मौसम की मार से पूजा पंडालों के निर्माण और प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने के काम में भी बाधा आने की आशंका है।
कोलकाता में बादल और बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका
शुक्रवार को कोलकाता और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने तथा रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग की चेतावनी के बीच तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलजमाव की आशंका है। न्यू मार्केट, गरियाहाट और हाथीबागान जैसे व्यस्त बाजारों में खरीदारी करने वालों को भी परेशानी हो सकती है। पंडालों के आसपास चल रहे निर्माण और सजावट के काम पर भी मौसम का असर पड़ने की संभावना है।
कुमारटोली के मूर्तिकारों की बढ़ी मुश्किलें
महालया और दुर्गा पूजा से पहले प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेज हो जाता है। ऐसे समय में लगातार बारिश और वातावरण में नमी बढ़ने से मूर्तिकारों के सामने प्रतिमाओं को सुखाने और रंगों को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो सकती है। कुमारटोली में तैयार हो रही प्रतिमाओं को बारिश से बचाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ सकते हैं। खासकर जिन प्रतिमाओं पर रंग और सजावट का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, उनके लिए नमी परेशानी पैदा कर सकती है। पंडाल निर्माताओं के लिए भी मौसम चिंता का विषय है। खुले या आंशिक रूप से ढके पंडालों में बाहरी सजावट, कपड़े और रोशनी लगाने का काम बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित हो सकता है। ऐसे में आयोजकों को निर्माण सामग्री और सजावट की सुरक्षा पर अतिरिक्त ध्यान देना होगा।
दक्षिण बंगाल से उत्तर बंगाल तक बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल के साथ उत्तर बंगाल के लिए भी गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। दक्षिण बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और उत्तर बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम खराब रहने की संभावना है। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार समेत विभिन्न जिलों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है। इसलिए किसी जिले में भारी बारिश की संभावना बताने से पहले उसके लिए जारी विशिष्ट पूर्वानुमान देखना जरूरी है।
महालया पर मौसम से मिल सकती है राहत
महालया शनिवार, 10 अक्टूबर को है। आईएमडी के ताजा उप-विभागीय पूर्वानुमान में इस दिन गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसके बाद 11 और 12 अक्टूबर के लिए भी इन दोनों क्षेत्रों में कोई चेतावनी नहीं है।इससे पूजा आयोजकों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, चेतावनी जारी नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि राज्य के सभी हिस्सों में आसमान पूरी तरह साफ रहेगा या बारिश की कोई संभावना नहीं होगी। महालया की सुबह गंगा घाटों पर तर्पण के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं और पूजा की अंतिम तैयारियों में जुटे लोगों को निकलने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती शुक्रवार को संभावित बारिश और तेज हवाओं के बीच पूजा की तैयारियों को पूरा करना है। मौसम में सुधार होने पर मूर्तिकारों और पंडाल निर्माताओं को काम तेजी से आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है।