Onion Price: सरकार ने खरीद अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे खरीफ लाल प्याज की खरीद के लिए बाजार में तेजी से हस्तक्षेप करें और सीधे उत्पादकों से प्याज खरीदें। केंद्र ने यह फैसला मंडियों के दामों में गिरावट की खबरों के जवाब में किया है।
किसानों के प्याज की खरीद नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) और नेशनल कंज्यूमर कोऑपरेटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) द्वारा की जाएगी। गिरती कीमतों के मुद्दों को हल करने के लिए, सरकार ने प्याज की खरीद और भंडारण के लिए एक मूल्य स्थिरता कोष की स्थापना की है, जो पूरे मौसम में आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक बफर के रूप में कार्य करता है।
40 खरीद केंद्रों में किसान बेच सकते हैं अपना स्टॉक (Onion Price)
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार शाम एक बयान में कहा कि नेफेड ने पिछले दस दिनों में लगभग 4,000 टन प्याज सीधे किसानों से 900 रुपये प्रति 100 किलोग्राम से ऊपर की दर से खरीदा है। भारत के सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में प्याज 1-2 रुपये प्रति किलो के हिसाब से कम बिक रही थी। मंत्रालय के बयान के अनुसार, नेफेड ने 40 खरीद केंद्र खोले हैं, जहां किसान अपना स्टॉक बेच सकते हैं। किसानों को ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा।
फरवरी में लाल प्याज की कीमतों में देखी गई थी गिरावट
नेफेड ने खरीद केंद्रों से स्टॉक को दिल्ली, कोलकाता, गुवाहाटी, भुवनेश्वर, बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद और कोच्चि तक ले जाने की व्यवस्था की है। फरवरी के महीने में लाल प्याज की कीमतों में गिरावट (Onion Price) देखी गई, विशेष रूप से महाराष्ट्र राज्य में, जहां प्याज का स्टैण्डर्ड रेट 500-700 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गया। विशेषज्ञों ने कहा है कि देश के ज्यादातर हिस्सों में प्याज कि फसल बहुत अच्छी हुई है, इसलिए नासिक के प्याज पर निर्भरता कम हो गई है।
महाराष्ट्र है प्याज का प्रमुख उत्पादक
महाराष्ट्र लगभग 43 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ प्याज का प्रमुख उत्पादक है (Onion Price)। मध्य प्रदेश 16 प्रतिशत और कर्नाटक तथा गुजरात प्याज के कुल राष्ट्रीय उत्पादन में लगभग 9 प्रतिशत योगदान करते हैं। पिछले साल नेफेड ने बफर स्टॉक के तौर पर 2.51 लाख टन रबी प्याज खरीदा था।
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