भोपाल: मध्यप्रदेश के कई जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को खासा नुकसान हुआ है। खासकर मालवा-निमाड़ अंचल के नीमच, जावद, मनासा, डीकेन, खरगोन के भीकनगांव क्षेत्र और धार के डही में तेज वर्षा के साथ ओले गिरे। ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी और कटाई के बाद रखी गेहूं व चना की फसल को नुकसान पहुंचा है। राजगढ़ में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। वहीं मंदसौर के गांधी सागर क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जबकि नीमच के रतनगढ़ में सड़कों पर बर्फ जैसी सफेद परत नजर आई। राजगढ़ के कुरावर इलाके में बड़े आकार के ओले गिरने से फसलों को खासा नुकसान हुआ है ।
इन इलाकों में भी बारिश का असर
राजधानी भोपाल,इंदौर, छिंदवाड़ा,बैतूल,श्योपुर और अमरकंटक सहित कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई जगहों पर आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। जिससे तापमान में अचानक गिरावट आ गई।
31 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए प्रदेश के 31 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही चार जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जिससे किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ओलावृष्टि के चलते कई इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा हैं। अचानक बदले मौसम ने जहां आम लोगों को राहत दी, वहीं खेतों में खड़ी फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
3 अप्रैल तक ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक अनुसार पंजाब से होते हुए हरियाणा की तरफ एक द्रोणिका गुजर रही है, जो पश्चिमी राजस्थान से होते हुए अरब सागर तक बनी हुई है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी उप्र पर चक्रवातीय हवाओं का घेरा बना हुआ है, जो ओडिशा तक एक द्रोणिका के रूप में है। यह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक पास हो रहा है। इसके चलते प्रदेश के मौसम में यह बदलाव आए हैं। तीन अप्रैल तक प्रदेश के मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने वाला है।