पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। सोमवार को सुकांत मजूमदार के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली स्थित भारतीय निर्वाचन आयोग(ECI ) के मुख्यालय पहुंचा और ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर रोक लगाने की मांग की। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने चुनावी भाषणों के जरिए मतदाताओं को डराने और प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और पीयूष गोयल भी शामिल थे। नेताओं ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर विस्तृत शिकायत सौंपी।
छह मांगों के साथ आयोग के सामने भाजपा
चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद सुकांत मजूमदार ने बताया कि पार्टी ने आयोग के समक्ष छह बिंदुओं में अपनी मांग रखी है। इनमें सबसे प्रमुख मांग ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर तत्काल रोक लगाने की है। भाजपा का आरोप है कि ममता बनर्जी ने चुनावी सभा में कहा कि जो लोग भाजपा को वोट देंगे, उन्हें चुनाव के बाद अपने घरों के बाहर यह लिखकर पोस्टर लगाना होगा कि वे भाजपा का समर्थन नहीं करते। सुकांत के अनुसार, इस तरह के बयान मतदाताओं में भय का माहौल पैदा करते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में मतदाताओं को लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि चुनाव आयोग कुछ समय के लिए है, लेकिन सत्ता में तृणमूल ही रहेगी। भाजपा ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की मांग की है।
मतदान प्रक्रिया को लेकर भी उठाए सवाल
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से यह भी आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल में मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण हो, इसके लिए अतिरिक्त निगरानी और सख्त कदम उठाए जाएं। पार्टी नेताओं के मुताबिक, आयोग की फुल बेंच ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
टीएमसी का तीखा जवाब
भाजपा की शिकायत के बाद तृणमूल कांग्रेस ने भी कड़ा जवाब दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश मजूमदार ने कहा कि भाजपा पहले ही हार की आशंका से घबरा चुकी है, इसलिए इस तरह की शिकायतें कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश के शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारने के बावजूद कोई खास असर नहीं देख पा रही है, और अब चुनाव आयोग के जरिए ममता बनर्जी के प्रचार को रोकने की कोशिश कर रही है।
ममता के बयान पर सियासत तेज
दरअसल, हाल ही में एक चुनावी सभा के दौरान ममता बनर्जी ने कथित तौर पर कहा था कि चुनाव के बाद ऐसे पोस्टर लगाए जाएंगे, जिनमें लिखा होगा कि लोग भाजपा का समर्थन नहीं करते। इसी बयान को लेकर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया है और इसे मतदाताओं को डराने वाला बताया है।