भोपाल।मध्यप्रदेश में आधे से ज्यादा आबादी मुफ्त राशन पर निर्भर है। केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य में 5 करोड़ 38 लाख 7 हजार 137 लोग प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त अनाज का लाभ उठा रहे हैं। राज्य की कुल आबादी करीब 9 करोड़ है, ऐसे में हर दूसरा व्यक्ति सरकारी राशन के भरोसे है।
पीओएस मशीनों से हो रहा वितरण
राज्य में राशन वितरण की व्यवस्था पीओएस (Point of Sale) मशीनों के जरिए की जा रही है। हितग्राहियों को आधार प्रमाणीकरण के बाद तय मात्रा में गेहूं, चावल और अन्य खाद्यान्न दिए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और फर्जीवाड़े पर रोक लगी है।
लंबे समय से जारी है मुफ्त राशन योजना
कोरोना काल में शुरू की गई यह योजना अब भी जारी है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को हर माह मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। केंद्र सरकार समय-समय पर संसद में योजना से जुड़े आंकड़े साझा करती रही है।
आर्थिक और सामाजिक संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी आबादी का मुफ्त राशन पर निर्भर होना राज्य की आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी और गरीबी की ओर भी इशारा करता है। वहीं सरकार इसे गरीबों के लिए बड़ी राहत और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कदम बता रही है।