उत्तर प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों में आगामी सत्र (2026-27) से 'मिशन शक्ति' के तहत शक्ति मंच का गठन किया जा रहा है। इस मंच का उद्देश्य बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, जिसके लिए हर महीने नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी और विद्यालय स्तर पर बालिकाओं की समस्याओं के समाधान की योजना बनाई जाएगी।
हर स्कूल में सक्रिय रहेगा शक्ति मंच
निर्देशों के मुताबिक हर विद्यालय में शक्ति मंच का गठन किया जाएगा, जो नियमित रूप से सक्रिय रहेगा। मंच की बैठकों के जरिए छात्र-छात्राओं के बीच संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा और उनकी समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।
रचनात्मक गतिविधियों से होगी जागरूकता
शक्ति मंच के तहत लेखन, वाद-विवाद, चित्रकला और नाटक जैसी गतिविधियों का आयोजन होगा। इन माध्यमों से छात्र-छात्राएं सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे और जागरूकता फैलाएंगे।
बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष फोकस
इस पहल के तहत स्कूल से बाहर रह रही बालिकाओं की पहचान कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। नामांकन से वंचित छात्राओं को स्कूल लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
समस्याओं पर खुले मंच पर चर्चा
बालिकाओं की समस्याओं पर खुले मंच पर चर्चा की जाएगी और उनके समाधान के लिए विद्यालय स्तर पर योजना बनाई जाएगी। साथ ही बाल एवं महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी।
किशोरावस्था और आत्मरक्षा पर जोर
कार्यक्रम के तहत किशोरावस्था से जुड़ी शंकाओं का समाधान किया जाएगा। इसके अलावा छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण और शिकायत पेटिका के उपयोग के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
यह पहल न केवल बालिकाओं को सशक्त बनाएगी, बल्कि समाज में शिक्षा और जागरूकता के स्तर को भी नई दिशा देगी।