अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी भारतीय चश्मा कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट (Lenskart) में शेयर हासिल करने के लिए एक समझौते के करीब है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह डील 500 मिलियन डॉलर में फाइनल हो सकती है। मिडिल ईस्टर्न सॉवरेन वेल्थ फंड मौजूदा लेंसकार्ट शेयरों के साथ-साथ नई इक्विटी हासिल करने के लिए एक समझौते को पूरा कर रहा है। एक-दूसरे की कंपनी में हिस्सेदारी हासिल करने की यह डील इसी हफ्ते फाइनल हो सकती है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, इस लेन-देन से लेंसकार्ट की कीमत 4 अरब डॉलर से ज्यादा हो जाएगी। लेकिन, इस खरीदारी को लेकर बातचीत अब भी जारी है। ऐसे में इस सौदे पर आम सहमति नहीं बन सकती है।
भारत का सबसे बड़ा ऑप्टिकल ब्रांड बनकर उभरा (Lenskart)
टेक्निकल कंपनियों के लिए ग्लोबल स्तर पर लेंसकार्ट (Lenskart) अपने फंडिंग को बंद करने के लिए तैयार है। खासकर उनके लिए, जिन्होंने हजारों की संख्या में छंटनी की है। ये कंपनी भारत का सबसे बड़ा ऑप्टिकल ब्रांड बनकर उभरा है। कंपनी के अन्य प्रमोटर्स की बात करें तो इसे केकेआर एंड कंपनी, सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प, टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई और प्रेमजीइनवेस्ट से समर्थन मिला है।
जापान की कंपनी में खरीदने वाली थी हिस्सा
ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के मुताबिक, जून के दौरान जापान के ओनडेज इंक में लेंसकार्ट (Lenskart) करीब 400 मिलियन डॉलर के प्राइस पर बहुमत हिस्सेदारी खरीदने पर सहमति दिखाई थी, क्योंकि कंपनी के मालिक का कहना था कि जापान की फर्म अच्छा काम कर रही है और 48 महीनों के अंदर आईपीओ लाने का प्लान कर रही है।
2010 में पीयूष बंसल ने किया था शुरू
लेंसकार्ट भारत में सीधे चश्मा और कांटेक्ट लेंस बेचती है। ये ऑनलाइन से लेकर ऑफलाइन तक की सुविधा देती है। इस कंपनी को 2010 में पीयूष बंसल ने शुरू किया था, जो अभी इसके सीईओ हैं। पीयूष बंसल वर्तमान में शार्क टैंक इंडिया सीजन 2 के जज भी हैं। लेंसकार्ट के पास प्रमुख शहरों में खुद के कई स्टोर्स हैं।
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